हरियाणा विधानसभा चुनाव से पहले हर पार्टी की उम्मीदवारों के टिकट का चुनाव बड़ा हो गया है। हर पार्टी से जुड़ा उम्मीदवार दिल्ली स्थित हाईकमान के यहां चक्कर काट रहा है। दिग्गजों को मैदान में उतारे या किसी नए उम्मीदवार पर भरोसा जताए, इसके लिए सभी पार्टियों का मंथन दौर जारी है।

इसी बीच सत्ताधारी पार्टी बीजेपी के पूर्व सांसद संजय भाटिया का एक बड़ा बयान सामने आया है। पानीपत शहरी विधानसभा के रहने वाले संजय भाटिया की विधानसभा चुनाव में टिकट की दावेदारी मानी जा रही है। लेकिन, भाटिया ने चुनाव न लड़ने की इच्छा जाहिर की है। उन्होंने चुनाव लड़ने की बजाय लड़वाने की बात आलाकमान के समक्ष रखी है। संजय भाटिया के इस बयान से मौजूदा विधायक प्रमोद विज के टिकट की दावेदारी और मजबूत हो गई है।

करनाल लोकसभा के पूर्व सांसद है संजय भाटिया।

हरियाणा विधानसभा चुनाव में टिकट को लेकर कांग्रेस और भाजपा दोनों प्रमुख पार्टियों में घमासान मचा हुआ है। इस बीच हरियाणा में 2 बड़े भाजपा नेताओं का चुनाव लड़ने से मना करना अचंभित कर रहा है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मोहनलाल बड़ौली के बाद अब पूर्व सांसद संजय भाटिया ने भी हरियाणा विधानसभा के चुनावी समर में उतरने से मना कर दिया।

दोनों नेताओं द्वारा चुनाव लड़ने से मना करने पर हरियाणा भाजपा प्रभारी ने इसे त्याग की श्रेणी में रखा है। बिप्लब कुमार देब ने कहा कि क्या कांग्रेस में ऐसा कोई नेता है, जिसे पार्टी टिकट दे और वह स्वेच्छा से चुनाव लड़ने से इनकार कर दे। उन्होंने कहा कि संजय भाटिया ने उन्हें फोन करके बताया कि इस बार मैं चुनाव नहीं लड़ूंगा, बल्कि चुनाव लड़वाउंगा।

हरियाणा की सियासत के कुछ जानकारों का कहना है कि बड़े नेताओं का इस तरह से चुनाव लड़ने से मना करना कई और शंकाओं को जन्म देता है। ऐसा लग रहा है कि ये नेता प्रदेश में पार्टी की हालत देखकर चुनाव से दूर भाग रहे हैं। क्योंकि प्रदेशाध्यक्ष और संजय भाटिया जैसे दिग्गज नेताओं के चुनाव लड़ने से मना करना से कार्यकर्ताओं में अलग प्रकार का संदेश जाएगा। साथ मुख्यमंत्री की सीट बदलने की कवायद से स्पष्ट है कि भाजपा हरियाणा में जूझ रही है।

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