साबरमती एक्सप्रेस (Sabarmati Express) ट्रेन नंबर 19168 पटरी से उतर गई। 22 डिब्बे डिरेल हुए हैं। ट्रेन वाराणसी से अहमदाबाद जा रही थी। गनीमत रही कि हादसे में किसी की जान नहीं गई। कुछ यात्री घायल हुए हैं। रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।
यह हादसा शुक्रवार को देर रात 2.35 बजे कानपुर शहर से 11 किमी दूर भीमसेन और गोविंदपुरी स्टेशन के बीच हुआ। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा- ट्रेन का इंजन पटरी पर रखी किसी भारी चीज से टकराया। इंजन पर टकराने के निशान हैं। सबूत सुरक्षित रखे गए हैं। IB और यूपी पुलिस जांच कर रही है।

नॉर्दन सेंट्रल रेलवे के GM उपेंद्र चंद्र जोशी ने कहा- यह तय है कि हादसा इंजन के किसी चीज से टकराने की वजह से हुआ है। मौके पर कोई चीज नहीं मिली है। सूत्रों के मुताबिक, हादसे के वक्त ट्रेन की स्पीड 70 से 80 के बीच थी। एक पहिया उतरते ही प्रेशर कम हुआ। ड्राइवर ने वक्त रहते इमरजेंसी ब्रेक लगा दी, जिस वजह से बड़ा हादसा होने से बच गया।
कानपुर पुलिस कमिश्नर अखिल कुमार मौके पर पहुंचे। आसपास के लोगों से पूछताछ की। पटरी के टुकड़े को भी देखा। आशंका जताई जा रही है कि इसी टुकड़े को पटरी पर रखा गया था, जिस वजह से ट्रेन डिरेल हुई। रेल अफसरों ने बताया- हादसे से पटरियां उखड़ गईं। लोहे की क्लिप उखड़कर दूर जा गिरी।
अफसरों ने बताया- हादसे से 1 घंटे 20 मिनट पहले पटना-इंदौर एक्सप्रेस ट्रैक से गुजरी थी, तब तक ट्रैक सुरक्षित था। 16 ट्रेनों को रद्द किया गया है। 10 ट्रेनों के रूट बदले गए हैं। 24 घंटे में ट्रैक को क्लियर कर देंगे। फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंच गई है।
जांच के दौरान घटनास्थल से एक पटरी का टुकड़ा मिला है। यह करीब 2 से 3 फीट लंबा है। दूसरा वहां पास में क्लैंप मिला है, जिससे की पटरी को सीमेंट के बने गॉर्डर से कसा जाता है। टीम ने आशंका जताई कि ऐसा हो सकता है कि पटरी को ट्रैक से कसा गया हो, ताकि कोई भी ट्रेन आगे न जा पाए। हालांकि, यह पूरी जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।
