रोहतक में आज सोशलिस्ट यूनिटी सेंटर ऑफ इंडिया (कम्युनिस्ट) पार्टी ने जन जीवन की विभिन्न ज्वलंत समस्याओं के खिलाफ मानसरोवर पार्क से डीसी कार्यालय रोहतक तक जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। उपायुक्त को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा I एसयूसीआई (कम्युनिस्ट) के राज्य कमेटी सदस्य और मशहूर किसान नेता कामरेड जयकरण मांडौठी व हरीश कुमार ने प्रदर्शन की अगुवाई की।

एसयूसीआई (कम्युनिस्ट) के नेता जयकरण मांडौठी ने कहा कि देश में वर्तमान में चल रहे घोर पूंजीवादी शोषण-जुल्म और देश-प्रदेश में एक पर एक आई सरकारों द्वारा लागू की गई जनविरोधी और एकाधिकारी पूंजीपरस्त नीतियों, कार्रवाइयों और कदमों के कारण मेहनतकश लोगों का जीना दूभर हो गया है। महंगाई पर रोक लगाने की बजाए महंगाई बढ़ाने की नीतियां बनाई बनाई जा रही है। रसोई गैस, पेट्रोल, डीजल एवं जरूरत की तमाम आवश्यक चीजों के दाम आसमान छू रहे हैं।

एसयूसीआई (कम्युनिस्ट) के राज्य कमेटी सदस्य हरीश सैनी ने कहा कि मोबाइल रिचार्ज व डेटा पैक की दरें बढ़ाकर प्राइवेट टेलिकॉम कम्पनियां उपभोक्ताओं को लूट रही है। सरकार की इस पर कोई रोक नही है। बेरोजगारी चरम पर है। कौशल स्कीम एक छलावा है। अग्निवीर/अग्निपथ स्कीम से हरियाणा के नौजवान दुखी हैं। किसानों को सभी कृषि पैदावारों के सी2+ 50% फ़ार्मूले पर यानी लागत से डेढ़ गुना दाम नहीं दिए। एमएसपी पर खरीद का गारंटी कानून नहीं बनाया है। बजट में भी इस तरह की कोई घोषणा नही है। सरकार किसानों के साथ धोखा कर रही है।


छात्र नेता उमेश मौर्य ने कहा कि सरकार शिक्षा व स्वास्थ्य का निजीकरण कर रही है। फीस-वृद्धि करके और स्कूलों में बेरोकटोक पास की नीति लागू करके शिक्षा को बर्बाद किया जा रहा है। बिजली, पानी, शिक्षा, इलाज और परिवहन रोडवेज आदि सेवाओं का निजीकरण किया जा रहा है। लोकल रुटों पर हरियाणा रोडवेज की बसों की भारी कमी है।

मनीषा ने कहा कि परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) स्कीम आम जन के लिए जी का जंजाल बन चुकी है। महिला व बच्चियों पर हमले हो रहे हैं। अश्लीलता और शराब आदि नशों को बढ़ावा दिया जा रहा है।

मज़दूर नेता रामनिवास ने कहा कि न तो स्कीम वर्करों को न्यूनतम वेतन दिया जा रहा है न ही सरकार इन्हें अपना कर्मचारी मान रही है। मजदूर-विरोधी चारों लेबर कोड से लूट बढ़ी है। इस मौके पर कृष्ण, केसू, भारत, रामकिशन, सतबीर बल्हारा, सतीश आदि ने भी अपने विचार रखे।

निम्न बारह सूत्रीय मांग पत्र सौंपा गया।

  1. आकाश छूती महंगाई पर रोक लगाई जाये। रसोई गैस, पेट्रोल, डीजल एवं जरूरत की तमाम आवश्यक चीजों के दाम तुरंत घटाये जायें। अनाज व जरूरी चीजों के थोक व खुदरा व्यापार दोनों को सरकार अपने हाथ में ले। जमाखोरी व कालाबाजारी पर रोक लगाई जाये। मोबाइल रिचार्ज व डेटा पैक की दरें बढ़ाकर प्राइवेट टेलिकॉम कंपनियों द्वारा की जा रही उपभोक्ताओं की लूट रोकी जाये।
  2. रोजगार का मौलिक अधिकार हो। सभी बेरोजगारों को रोजगार दिया जाये, तब तक सम्मानजनक बेरोजगारी भत्ता (न्यूनतम 10,000 रुपये प्रति माह) दिया जाये। हरियाणा में खाली पड़े पद तुरंत भरे जाएं। कौशल स्कीम पर लगे सभी कर्मचारियों को पक्का किया जाये। अग्निवीर/अग्निपथ स्कीम को वापस लिया जाये। स्थायी प्रकृति की नौकरियों में अस्थायी भर्तियों पर रोक लगाई जाये। भ्रष्टाचार रोका जाये। पेपर लीक करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाये।
  3. किसानों को सभी कृषि पैदावारों के सी2+ 50% फ़ार्मूले पर यानी लागत से डेढ़ गुना दाम दिए जायें। एमएसपी पर खरीद का गारंटी कानून बनाया जाये।
  4. निम्न मध्यम किसानों व गरीब किसानों को बीज, खाद, कीटनाशक, डीजल, बिजली सस्ते रेट पर दी जाये और पर्याप्त मात्र में स्वच्छ पेयजल व सिंचाई के पानी का पूरा प्रबंध हो। सभी गरीबों के कर्जे माफ किये जायें।
  5. खराब फसलों का मुआवजा सरकार खुद दे। प्राइवेट कम्पनियों की हितैषी प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना रद्द की जाये। मुआवजा देने में 5 एकड़ जमीन की सीमा शर्त हटाई जाये। छोटे से छोटे नुकसान का मुआवजा दिया जाये। 25 प्रतिशत से कम हुए नुकसान का मुआवजा न देने की शर्त हटाई जाये। बागबानी के क्षेत्र और आवारा पशुओं से हुए नुकसान को भी मुआवजे के दायरे में लाया जाये।
  6. सभी को सस्ती शिक्षा व चिकित्सा दी जाए। शिक्षा-स्वास्थ्य क्षेत्र के निजीकरण-व्यापारीकरण पर रोक लगाई जाये। फीस-वृद्धि और ‘पास-फेल नहीं’ की नीति बंद की जाये। दलित छात्रों की छात्रवृत्ति के बजट में की गई 305 करोड़ रुपए की कटौती वापस ली जाये और सभी दलित व अन्य छात्रों को बिना देरी किए समय पर छात्रवृत्ति दी जाये।
  7. रोडवेज आदि सेवाओं के निजीकरण पर रोक लगाई जाये। लोकल रुटों पर हरियाणा रोडवेज की बसें पर्याप्त संख्या में चलाई जायें। रेलवे में सीनियर सिटीजन को रेल किराये में कोरोना काल में बंद की गई रियायत पुनः बहाल की जाये।
  8. आम जन के लिए जी का जंजाल बनी परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) स्कीम वापस ली जाये।
  9. महिला व बच्चियों समेत तमाम नागरिकों की सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किये जायें। अश्लीलता के प्रचार-प्रसार और शराब आदि नशों पर सख्ती से अंकुश लगाया जाये।
  10. बिजली बिल 2023 वापस लिया जाये। स्मार्ट मीटर स्कीम बंद हो और 47 प्रतिशत बढ़ाये गए फ्यूल चार्ज वापस हों।
  11. स्कीम वर्करों को न्यूनतम वेतन दिया जाये। सरकार इन्हें अपना कर्मचारी माने। न्यूनतम वेतन 28000 रुपये किया जाए।
  12. मजदूर-विरोधी चारों लेबर कोड निरस्त किये जायें। मनरेगा के तहत पूरा साल काम दिया जाये। मनरेगा बजट बढ़ाया जाये। मनरेगा मजदूरों की दैनिक मजदूरी 600 रुपये की जाये। भवन निर्माण मजदूरों का पंजीकरण व हितलाभ की प्रक्रिया सरल की जाये। लोगों के जनतांत्रिक अधिकारों की गारन्टी हो।
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