दिल्ली से सटे गुरुग्राम में दिवाली की रात पटाखों की आवाज के बीच एक बड़ी घटना को अंजाम दिया गया। गुरुग्राम के गांव कासन में दीपावली पूजा के दौरान बदमाशों ने पूर्व सरपंच के घर में घुसकर अंधाधुंध फायरिंग कर दी। इस दौरान परिवार के 6 लोगों को गोली लगी, इनमें से दो की मौत हो गई। जबकि 4 बुरी तरह घायल हो गए। घायलों को एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना के बाद गांव में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। बदमाशों को पकड़ने के लिए क्षेत्र में कई जगहों पर नाकेबंदी की गई है। स्थानीय पुलिस के साथ क्राइम ब्रांच की चार टीमों ने जांच शुरू कर दी है।
मिली जानकारी के अनुसार गुरुवार रात करीब आठ बजे बलराम सिंह, सोनू सिंह, रिश्तेदार राजेश सिंह, विकास सिंह, कसान के पूर्व सरपंच गोपाल सिंह के परिवार के हर्ष सिंह दीपावली की पूजा कर रहे थे। इस दौरान पांच से छह बदमाश अंदर घुस गए। घर में घुसते ही उन्होंने अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। बदमाशों ने यह सब इतनी तेजी से किया कि किसी को बचने या छिपने का मौका ही नहीं मिला। वहां मौजूद सभी छह लोगों को गोली मार दी गई।
घायल राजेश सिंह के इकलौते बेटे 21 वर्षीय विकास सिंह ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। वह प्रथम वर्ष के छात्र थे।
इलाज के दौरान 38 वर्षीय सोनू सिंह ने दम तोड़ दिया। आठ वर्षीय यश को गोली छूती हुई निकल गई। प्रवीण सिंह की हालत काफी गंभीर बनी हुई है। बलराम सिंह एवं राजेश सिंह की हालत ठीक है। राजेश सिंह की ही शिकायत पर आइएमटी मानेसर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू की है। राजेश सिंह रिश्ते में बलराम सिंह के मामा लगते हैं। वह वर्षों से गांव कासन में ही रह रहे हैं। बताया जा रहा है कि एक गोली पालतू कुत्ते को भी लगी है
घटना के वक्त इलाके में दिवाली की आतिशबाजी हो रही थी। इस वजह से पड़ोसियों को फायरिंग की भनक नहीं लगी। घटना के बाद जब घर से चीख-पुकार व चीख-पुकार की आवाज सुनाई दी तो परिजन वहां दौड़ पड़े। घटना का शक गांव में ही रहने वाले बदमाश रिंकू पर लगाया जा रहा है। रिंकू ने मनीष समेत अपने कई अन्य साथियों की मदद से वारदात को अंजाम दिया। बताया जाता है कि रिंकू के भाई की कई साल पहले गोली लगने से मौत हो गई थी। वह अपने भाई की मौत के पूर्व सरपंच थे।
गोपाल ने सिंह के पुत्रों को जिम्मेदार ठहराया। तभी से दुश्मनी चल रही है। वही मानेसर थाना प्रभारी निरीक्षक यशवंत सिंह का भी कहना है कि बदमाश रिंकू के पूर्व सरपंच श्री गोपाल सिंह के परिवार से दुश्मनी है। इससे उस पर शक है। इससे पहले भी दोनों परिवारों के बीच मारपीट हो चुकी है। हालांकि मामले की सच्चाई आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद ही सामने आ सकती है।
