हरियाणा में अग्रोहा मेडिकल कॉलेज की MBBS थर्ड ईयर की एक छात्रा ने दो सीनियर छात्राओं द्वारा की जा रही अश्लील रैगिंग से परेशान होकर शुक्रवार दोपहर को जिंदल अस्पताल की पहली मंजिल की खिड़की से छलांग लगा दी। छात्रा का एक हाथ टूटने के साथ – साथ उसकी रीढ़ की हड्डी में भी चोट आई है। अर्बन इस्टेट थाना पुलिस ने इस मामले में अग्रोहा मेडिकल कॉलेज की MBBS छात्रा दीपिका सिकरीवाल व दिव्यांशी रनियाल के खिलाफ आईपीसी 34, 354, 499, 506 व एंटी रैगिंग एक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया है।
छात्रा ने बताया कि उसने 2018 में 12वीं की परीक्षा में 93 प्रतिशत अंक प्राप्त करके पहले ही प्रयास में उसका दाखिला अग्रोहा मेडिकल कॉलेज में MBBS कोर्स में में हो गया था। 2017 बैच के चौथे ईयर की दो लड़कियों ने दाखिले के 15 दिन बाद ही उसकी रैगिंग शुरू कर दी थी। पीड़ित छात्रा के अनुसार, दिव्यांशी व दीपिका रात को जबरदस्ती उसे हॉस्टल की छत पर लेकर जाकर, उसके सारे कपड़े उतरवाकर उसके साथ अश्लील तरीके से छेड़छाड़ करतीं थी। छात्रा के अनुसार उसने इस बात की मौखिक शिकायत पहले भी वार्डन को की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई।
छात्रा के अनुसार दोनों ने उसको धमकी दी कि अगर इस बारे में अपने घर वालों को बताया तो हॉस्टल की छत से गिराकर जान से मार देंगे और तुझे कोर्स में भी फेल करवा देंगे। इतना ही नहीं इन लड़कियों ने हॉस्टल की अन्य छात्राओं को भी डराया हुआ है और सबको बोला हुआ है कि कोई भी उसके साथ बात नहीं करे, नहीं तो उनका भी यही हाल किया जाएगा। छात्रा ने 2019 में इस बारे में डॉ महेश को भी बताया था, जिस पर महेश ने उन दोनो छात्राओं को समझाया भी था, लेकिन इसके बावजूद भी उनकी हरकतों में किसी प्रकार का कोई सुधार नहीं आया।
छात्रा के अनुसार, शुक्रवार को वह जिंदल अस्पताल में डॉ. महेश को दोबारा अपनी परेशानियां बताने के लिए गई थी। वहां पर डॉ. महेश ने उनको बताया कि दोनों लड़कियों ने उसके बारे में बहुत कुछ गलत बोला हुआ है। पिछले तीन साल से लगतार हो रहे टॉर्चर व अपनी बदनामी के कारण परेशानी में उसने जिंदल अस्पताल की खिड़की से छलांग लगा दी।
वहीं कॉलेज की छात्रा के साथ हुई इतनी बड़ी गंभीर घटना के बारे में डायरेक्टर डॉ. अलका छाबड़ा का कहना है कि उन्होंने जांच के लिए उच्च स्तरीय कमेटी बना दी है ,जो तीन दिन में अपनी रिपोर्ट देगी, और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
