रोहतक में खराब मौसम के बीच नई अनाज मंडी में गेहूं की लिफ्टिंग प्रक्रिया धीमी होने से किसानों और आढ़तियों को मुश्किल का सामना करना पड़ रहा है। रविवार को सुबह से ही चल रही बादलवाई के बीच खरीद एजेंसियांे की टीमों ने सक्रियता दिखाई। लेकिन जरूरत के मुताबिक पर्याप्त लेबर और वाहन नहीं होने से गेहूं की उठान में तेजी नहीं आ पाई। देर शाम तक करीब 41 हजार क्विंटल गेहूं की ही उठान हो पाई।

जबकि मौजूदा समय में भी अनाज मंडी में शेड से बाहर खुले आसमान के नीचे लगभग पौने 2 लाख कट्‌टे गेहूं के पड़े हुए हैं। ऐसे में बरसात हुई तो इन कट्‌टों में भरे गेहूं के भीगकर खराब होने की आशंका बढ़ गई है। इधर गेहूं की समय से उठान नहीं होने से किसानों को भी भुगतान देरी से मिल रहा है। दरअसल खरीदे गए गेहूं की लिफ्टिंग के बाद उसके गोदामों में पहुुंचने पर ही संबंधित किसानों को उनकी फसल के मूल्य का भुगतान किया जा रहा है।

इस बाबत अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान मुकेश बंसल ने बताया कि खाद्य एवं आपूर्ति विभाग व हैफेड आदि खरीद एजेसिंयों के अधिकारियों से गेहूं की उठान में शीघ्रता लाने की कई बार मांग की गई है। लेकिन फिर भी हालात जस के तस हैं। इससे आढ़तियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।

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