हरियाणा रोडवेज में टिकट बिक्री को लेकर रोज मुख्यालय में गड़बड़ का मम्मला सामने आया है ,लगातार शिकायतें पहुंच रही हैं। बसों में यात्रियों के अनुरूप टिकटों की बिक्री नहीं की जा रही है। इससे रोडवेज को 150 करोड़ रुपए के राजस्व घाटे का अनुमान लगाया गया है। घाटे को देखते हुए अब हरियाणा सरकार रेवेन्यू लीकेज डिटेक्शन सिस्टम (RLDS) लागू करने जा रही है।
करोड़ों रुपए के हो रहे घाटे को देखते हुए हरियाणा सरकार के स्वामित्व वाली रोडवेज बसों में सेंसर आधारित सिस्टम लगाया जाएगा। इससे बसों में चढ़ने उतरने वाले यात्रियों की गिनती की जाएगी, इसके साथ ही अधिकारियों को टिकटों की संख्या की जांच करने में आसानी होगी। साथ ही यात्रियों के हिसाब से ही टिकटों की बिक्री को लेकर लीकेज सिस्टम में सुधार हो सकेगा।
हरियाणा रोडवेज में अभी छह जिलों की बसों में ई-टिकटिंग की सुविधा ही की गई है। सरकार ने अपने पायलट प्रोजेक्ट के तहत यह सुविधा शुरू की थी। अब सरकार इसे अन्य जिलों में भी लागू करेगी। अधिकारियों के अनुसार 31 मार्च तक बचे 16 जिलों की रोडवेज बसों में शुरू करने की संभावना है। कुछ तैयारियां पूरी हो गई हैं, कुछ में तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
ई-टिकटिंग प्रणाली से रोडवेज को राजस्व घाटे को रोकने में मदद के साथ ही यात्रियों का भी काफी लाभ होगा। इससे वास्तविक समय के आधार पर यात्रियों को सीट की उपलब्धता और आगमन के समय की सही जानकारी मिल सकेगी। हरियाणा रोडवेज 2023-24 में शहरों में सिटी बस सेवा शुरू करने की भी तैयारी कर रही है।
