हरियाणा के रोहतक में स्थित PGIMS के दीक्षांत समारोह में शिरकत करने पहुंचे मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने MBBS स्टूडेंट के साथ हरियाणा पुलिस की बर्बरता के बीच बड़ा बयान दिया है। उन्होंने बॉन्ड पॉलिसी को स्टूडेंट के हित में बताया है। सीएम ने कहा कि एमबीबीएस छात्रों को डिग्री पूरी करने के बाद नौकरी नहीं मिलती है तो उन्हे बॉन्ड शुल्क नहीं देना होगा।

समारोह के दौरान खट्टर ने कहा कि स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा के लिए हरियाणा राज्य का 11,000 करोड़ रुपये का बजट है। बॉन्ड पॉलिसी इस संबंध में राज्य का समर्थन करने के लिए बनाई गई है। पॉलिसी छात्रों या उनके माता-पिता पर बोझ डालने के लिए नहीं है। उन्हें सरकारी सेवा के समकक्ष या उससे बेहतर नौकरी मिलने के बाद ही बॉन्ड फीस का भुगतान करना होगा।

सीएम ने कहा कि डॉक्टर कभी रिटायर नहीं होता है। पिछले 60 सालों से ये चिकित्सा संस्थान आम लोगों की सेवा करने में लगे हुए हैं। उन्होंने कहा कि मैं शरीर का डाक्टर तो नहीं बन पाया, पर समाज का डाक्टर जरूर बन गया।

सीएम ने कहा कि राज्य में जल्द ही किडनी ट्रांसप्लांट, मेडिकल टेक्नोलॉजी और बायो मेडिकल की ज्वाइंट डिग्री शुरू करेंगे। हर जिले में एक मेडिकल कालेज खोलने का लक्ष्य तय किया गया है। राज्य में अभी 13 कालेज चल रहे है, इसके अलावा 11 मेडिकल पर अभी काम जारी है।

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