करनाल के गांव गगसीना से संदिग्ध हालात में गायब हुए पीडब्ल्यूडी विभाग के जेई दीपक का शव चार दिन के बाद जैनी गांव के पास पश्चिमी यमुना नहर में मिला है। बताया जा रहा है कि दीपक एक करोड़ 10 लाख रुपए कैश के भरा बैग लेकर चंडीगढ़ से करनाल आने के लिए निकला था। वहीं नहर के पास से मिली जेई की गाड़ी में न तो रुपयों से भरा बैग मिला था और न ही उनका कुछ पता लगा था। शुक्रवार शाम को जेई दीपक का शव मिलने के खबर गांव में आग की तरह फैल गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज में भिजवाया।

​​​​​​परिजनों के मुताबिक लोक निर्माण विभाग में कार्यरत दीपक सोमवार सुबह पंचकूला आफिस जाने की बात कहकर निकला था। शाम करीब 8 बजे उसने घर में फोन कर बताया था कि वह करनाल पहुंच गया है और थोड़ी ही देर में घर पहुंच जाएगा। दीपक ने बताया कि उसके साथ एक दोस्त भी है। इसलिए उसके लिए भी खाना बनाने के लिए कहा। 9 बजे तक दीपक घर नहीं आया तो परिजनों ने उसे फोन किया। तब उसका फोन बंद आ रहा था। उसके बाद से दीपक का कुछ पता नहीं लग पाया। हर जगह तलाश करने पर भी जेई का कोई सुराग नहीं होगा। देर रात को परिजनों ने मुनक थाने में दीपक की गुमशुदगी की शिकायत दी।

परिजनों की शिकायत के आधार पर जांच कर रही पुलिस ने मंगलवार को दीपक की गाड़ी कैथल रोड पर स्थित एक नहर से बरामद होने की सूचना दी थी। जांच करने पर पता चला था कि दीपक की गाड़ी का एक शीशा भी टूटा हुआ था। वहीं मामले की चौथे दिन दीपक का शव नहर से बरामद किया गया है। इस मामले में पुलिस ने 2 लोगों को पहले ही हिरासत में ले रखा है।

 

एसपी गंगाराम पुनिया ने बताया कि मामले की जांच जारी है। यह पुख्ता तौर पर नहीं बोला जा सकता कि दीपक एक करोड़ दस लाख रुपए चंडीगढ़ से लेकर करनाल आ रहा था। जल्दी ही मामले को सुलझा लिया जाएगा।

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