रोहतक में एक ठेकेदार मजदूरों का एक करोड़ से अधिक वेतन लेकर फरार हो गया। जब मजदूरों ने अपना वेतन चाहा तो उन्हें केवल ठेंगा मिला। ठेकेदार ने कंपनी से 550 मजदूरों को वेतन तो ले लिया। लेकिन मजदूरों को वेतन का भुगतान नहीं किया। इसका खुलासा उस समय हुआ जब मजदूरों को वेतन नहीं मिला।
वेतन नहीं मिलने से परेशान मजदूरों ने कंपनी में संपर्क किया, तो उनका कहना था कि कंपनी वेतन का भुगतान कर चुकी है। मजदूरों ने मामले की शिकायत SP को दी। जिसमें ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने व उनके वेतन के पैसे दिलाने की मांग की। जिसके बाद ठेकेदार के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। अभी तक ठेकेदार भी फरार है।
SP को दी शिकायत में बताया कि मजदूर मैसर्ज श्री बालाजी इन्टरप्राईजिज के माध्यम से मैसर्ज एके ऑटोमेटिक्स रोहतक व माईक्रो ट्रनर हिसार रोड़ रोहतक में काम करते हैं। ठेकेदारी फर्म का मालिक महम का रहने वाला है। ठेकेदार ने दोनों कंपनियों से सितम्बर माह का वेतन प्राप्त कर लिया। परन्तु आज तक किसी भी कर्मचारी को कोई भी वेतन उसके द्वारा भुगतान नहीं किया गया।
जब हमने वेतन ना मिलने की शिकायत कंपनियों की प्रबन्धककारिणी से कि तो पता चला कि लगभग 550 कर्मचारियों का सितम्बर माह का वेतन करीब 1 करोड़ 5 लाख 68 तार 662 रुपये बनता है। जो कंपनियां ठेकेदार को भुगतान कर चुकी है। जब मजदूरों ने ठेकेदार के बारे में पूछताछ की तो पता चला कि वह फरार चल रहा है।
उन्होंने कहा कि यह पैसा महम बैंक से नकद निकाला गया है। ठेकेदार ने बैंक कर्मी के साथ मिलकर यह रुपये बैंक से निकाली है। क्योंकि 1 करोड़ से अधिक की रकम को एक साथ निकाला नहीं जा सकता। इसलिए धोखाधड़ी में बैंक कर्मी भी मिला हुआ है। मामले की शिकायत पुलिस को दे दी।
-जांच अधिकारी नवीन ने बताया कि ठेकेदार द्वारा धोखाधड़ी करने की शिकायत मिली है। बलवान सहित अन्य की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच जारी है। प्रयास है कि ठेकेदार को पकड़कर कार्रवाई की जा सके।
