बहादुरगढ़ शहर में मूर्ति विसर्जन के वक्त 5 लोग एनसीआर माइनर नहर में डूब गए। दो युवकों को तो बचा लिया गया है, लेकिन 3 लोगों की अभी भी तलाश जारी है। पूरी रात तीनों की तलाश में रेस्क्यू जारी रहा, लेकिन तीनों युवकों का अभी तक कोई सुराग नहीं लगा है।

बहादुरगढ़ शहर में लाइनपार क्षेत्र के छोटूराम नगर में हजारों प्रवासी लोग रहते हैं। हर साल बसंत पंचमी त्योहार उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस बार भी रविवार को बसंत पंचमी के मौके पर वार्ड-10 ( छोटूराम नगर ) में सरस्वती पूजन कार्यक्रम हुआ। सोमवार की शाम को मूर्ति विसर्जन कार्यक्रम था। देर शाम काफी श्रद्धालु मूर्ति विसर्जन के लिए रोहद के नजदीक एनसीआर माइनर पर पहुंचे।

भक्ति में मस्त श्रद्धालु मां सरस्वती को अलविदा कर रहे थे। मूर्ति का वजन ज्यादा था, इसलिए विसर्जन करते वक्त संतुलन बिगड़ने से 5 युवक माइनर में डूब गए। पांचों को तैरना नहीं आता था। युवकों को डूबता देख, वहां मौजूद अन्य श्रद्धालुओं ने छलांग लगा दी और बचाने का प्रयास किया। पुल के नजदीक 2 युवाओं को जैसे-तैसे बाहर निकाल लिया, लेकिन अन्य 3 को नहीं निकाल पाए।

इसकी पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस व आसपास के गांव के लोगों ने मिलकर सर्च अभियान चलाया। लेकिन गहराई और पानी का बहाव तेज होने के कारण बचाव प्रयास नाकाफी सिद्ध हुए। बताया जा रहा है कि शाम करीब 7 बजे युवक डूबे थे और रात करीब 11 बजे तक नहीं मिल सके थे। इनकी पहचान दिलखुश, गौरव और शैलेश के रूप में हुई हैं। तीनों मूल रूप से यूपी-बिहार के हैं और यहां छोटूराम नगर में रह रहे थे।

तीनों के डूबने की सूचना जैसे ही छोटूराम नगर में पहुंची तो परिजनों और कॉलोनी के लोगों में हड़कंप मच गया। त्योहार की खुशियां मातम में बदल गईं। मंगलवार सुबह फिर तीनों युवकों की तलाश में पुलिस ने नहर में गोताखोर उतारे गए हैं, लेकिन अभी तीनों का सुराग नहीं लगा है।

युवकों को तलाश करने में प्रशासन की विफलता से आहत परिजनों ने देर रात ही दिल्ली-रोहतक रोड पर जाम लगाने का प्रयास किया। दरअसल, पुलिस ने लापता युवकों की तलाश मंगलवार को करने की बात कही तो परिजन भड़क गए। बाद में पुलिस के समझाने पर जाम खोल दिया।

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