रोहतक, 17 सितंबर 2026: कहते हैं कि इंसान के जाने के बाद सब खत्म हो जाता है, लेकिन आज पंडित भगवत दयाल शर्मा पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज पीजीआईएमएस, रोहतक के ट्रॉमा सेंटर में बिहार के एक परिवार ने इस सोच को हमेशा के लिए बदल दिया।
बिहार के एक गांव के रहने वाले करीब 40 वर्षीय युवक ने इस दुनिया को अलविदा कहने के बाद भी 4 अनजान लोगों को नया जीवन देकर खुद को अमर कर दिया।
12 सितंबर 2026 को हुआ था हादसा
जानकारी के अनुसार 12 सितंबर 2026 को रोहतक में एक सड़क हादसे में अंगदाता गंभीर रूप से घायल हो गए थे। एक बाइक सवार ने उन्हें टक्कर मार दी थी। उन्हें तुरंत पीजीआईएमएस के ट्रॉमा आईसीयू में भर्ती कराया गया। आईसीयू के इंचार्ज डॉ तरुण ओर उनकी टीम में शामिल डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन सिर में गंभीर चोट के कारण 17 सितंबर को उन्हें ब्रेन डेड घोषित कर दिया गया।
यह परिवार रोहतक में मजदूरी करने आया था। घर में मातम पसरा था, पत्नी का रो-रो कर बुरा हाल था, आंखों में आंसू थे और पास में छोटे-छोटे बच्चे थे। इसी गम की घड़ी में परिवार ने जो फैसला लिया, उसने पूरे देश को झकझोर दिया। पत्नी ने रोते हुए कहा – मेरे पति तो चले गए, लेकिन उनके अंगों से किसी और का सुहाग, किसी और का बेटा जिंदा रह जाए, इससे बड़ी बात क्या होगी। और परिवार ने अंगदान की सहमति दे दी।
एक शरीर, 5 लोगों को नया जीवन
नॉटो (NOTTO), रोटो नॉर्थ (ROTTO North) और सॉटो हरियाणा (SOTTO Haryana) के समन्वय से अंगों का आवंटन किया गया –
- एक किडनी पीजीआईएमएस रोहतक को अलॉट की गई
- दूसरी किडनी आर्मी हॉस्पिटल चंडीमंदिर, पंचकुला को अलॉट की गई
- लीवर दिल्ली के एक अस्पताल को भेजा गया
- हृदय दिल्ली के ही एक अस्पताल में किसी की धड़कन बनेगा
इस तरह एक ही व्यक्ति के अंगदान से कुल 4 लोगों की जान बचाई जा सकी।
300 पुलिसकर्मियों ने बनाया ग्रीन कॉरिडोर
कुलपति डॉ एच के अग्रवाल ने बताया कि इन अनमोल अंगों को समय पर पहुंचाने के लिए दोपहर 3 बजे से रात 10 बजे तक रोहतक से दिल्ली तक ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया। इसके लिए आर्मी हॉस्पिटल चंडीमंदिर से एक हेलीकॉप्टर बाबा मस्तनाथ हेलीपैड, अस्थल बोहर पर उतारा गया।
डॉ अग्रवाल ने बताया कि इस पूरे ग्रीन कॉरिडोर ऑपरेशन में रोहतक, झज्जर, बहादुरगढ़ और दिल्ली पुलिस के लगभग 300 जवान और अधिकारी सड़क पर तैनात रहे। उनकी मुस्तैदी से ही यह संभव हो पाया कि अंग सही समय पर मरीजों तक पहुंच सके। इसके लिए वे हरियाणा पुलिस के डीजीपी, रोहतक पुलिस के एसपी का भी धन्यवाद व्यक्त करते हैं।
पूर्व मेयर मनमोहन गोयल ने जताया आभार
कुलपति डॉ एच के अग्रवाल ने बताया कि इस महान कार्य की सूचना मिलते ही रोहतक के पूर्व मेयर श्री मनमोहन गोयल जी स्वयं ट्रॉमा सेंटर पहुंचे। उन्होंने परिवार से मिलकर उन्हें ढांढस बंधाया और कहा कि पूरा रोहतक शहर इस परिवार के जज्बे को सलाम करता है।
कुलपति डॉ. एच.के. अग्रवाल ने कहा –
डॉ अग्रवाल ने कहा कि आज का दिन पीजीआईएमएस ही नहीं, पूरे हरियाणा के लिए ऐतिहासिक है। बिहार का यह नौजवान हरियाणा की धरती पर फरिश्ता बनकर आया है। एक तरफ एक परिवार अपना सब कुछ खो रहा है, तो दूसरी तरफ उसी परिवार ने 4 परिवारों के घरों के चिराग जलाए हैं।
मैं उस पत्नी को नमन करता हूं, जिसने अपना सुहाग खोने के बाद भी देश के बारे में सोचा। मुन्ना दास शारीरिक रूप से हमारे बीच नहीं रहे, लेकिन वे 4 शरीरों में हमेशा जिंदा रहेंगे। यह सिर्फ अंगदान नहीं, यह जीवनदान का महायज्ञ है। मैं हरियाणा और देश की जनता से अपील करता हूं कि इस परिवार से प्रेरणा लें। आपके एक फैसले से 8 लोगों को नया जीवन मिल सकता है। अंगदान ही सच्ची देशभक्ति है।
कुलसचिव डॉ. रूप सिंह ने कहा –
विश्वविद्यालय प्रशासन इस दाता परिवार के दुख में बराबर का भागीदार है। हमने निर्णय लिया है कि उनके पार्थिव शरीर को पूरे सम्मान के साथ उनके पैतृक गांव भेजा जाएगा। जो परिवार इतना बड़ा बलिदान दे, उसका सम्मान करना हमारा कर्तव्य है।
निदेशक डॉ. एस.के. सिंघल ने कहा –
हमारी ट्रॉमा टीम, एनेस्थीसिया से डॉ तरुण की टीम और सॉटो की टीम ने दिन-रात एक करके इस जटिल प्रक्रिया को सफल बनाया। ब्रेन डेड की पहचान से लेकर नॉटो से समन्वय तक हर कदम पर हमारी टीम ने उत्कृष्ट कार्य किया है।
चिकित्सा अधीक्षक डॉ. कुंदन मित्तल ने कहा –
मैं रोहतक, झज्जर, बहादुरगढ़ और दिल्ली पुलिस का दिल से आभार व्यक्त करता हूं, जिनके लगभग 300 जवान दोपहर 3 बजे से रात 10 बजे तक ग्रीन कॉरिडोर की सेवा में सड़क पर खड़े रहे। साथ ही आर्मी हॉस्पिटल चंडीमंदिर का भी धन्यवाद। और सबसे बड़ा धन्यवाद उस अनजान गरीब परिवार का, जिसने हमें मानवता का सबसे बड़ा पाठ पढ़ाया है।
डॉ कुंदन मित्तल ने कहा कि सच में, एक गरीब प्रवासी मजदूर परिवार ने जो कर दिखाया, वह बड़े-बड़े धनवान भी नहीं कर पाते। पीजीआईएमएस रोहतक इस परिवार को सैल्यूट करता है।
इस अवसर पर डॉ कुंदन मित्तल, डॉ तरुण, नोडल अधिकारी डॉ सुखबीर सिंह, डॉ गौरव, डॉ विवेक, डॉ अंकुर, डॉ तरुण, डॉ मंजूनाथ बी सी, डॉ योगेश, ट्रांसप्लांट कार्डिनेटर रोहित तंवर, मीडिया सलाहकार राजेश भड़ , संजय कादियान सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे।



