यमुनानगर। अपनी शांत वादियों, धार्मिक आस्था और ‘अतिथि देवो भव:’ की परंपरा के लिए मशहूर उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले से एक विचलित करने वाली खबर आई है। तृतीय केदार भगवान तुंगनाथ धाम की चढ़ाई के दौरान शनिवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब मामूली कहासुनी ने हिंसक रूप ले लिया। हरियाणा से आए एक सिरफिरे युवक ने स्थानीय रोजगार से जुड़े एक स्थानीय व्यक्ति पर इस कदर हमला किया कि पूरी घाटी में तनाव का माहौल बन गया।

जानकारी के मुताबिक, शनिवार को तुंगनाथ पैदल मार्ग पर एक घोड़ा-खच्चर संचालक और किसी अन्य यात्री के बीच किसी बात को लेकर सामान्य नोकझोंक हो रही थी। इसी बीच वहां से गुजर रहा यमुनानगर निवासी 19 वर्षीय राघव इस विवाद में बेवजह कूद पड़ा। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि राघव ने मामले को शांत कराने के बजाय सीधे स्थानीय संचालक के साथ बदतमीजी और गाली-गलौज शुरू कर दी। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ा कि राघव ने आव देखा न ताव, अपने हाथ में पहने लोहे के भारी-भरकम कड़े से संचालक के सिर पर दे मारा।

लोहे के कड़े का प्रहार इतना जोरदार था कि घोड़ा संचालक का सिर फट गया और मौके पर ही भारी मात्रा में खून बहने लगा। अचानक हुए इस कातिलाना हमले से रास्ते में चल रहे अन्य तीर्थयात्रियों में भी अफरा-तफरी मच गई। घायल स्थानीय युवक को तुरंत साथी मजदूरों और दुकानदारों की मदद से नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसके सिर पर कई टांके लगाने पड़े। इस घटना के बाद अस्पताल और घटना स्थल के कई वीडियो सोशल मीडिया पर तैर रहे हैं, जिसने स्थानीय लोगों के गुस्से को और भड़का दिया है।

वारदात को अंजाम देकर भाग रहे आरोपी राघव को पहाड़ों के जागरूक युवाओं और दुकानदारों ने मौके पर ही चारों तरफ से घेरकर दबोच लिया। सूचना मिलते ही ऊखीमठ थाने की पुलिस टीम मौके पर पहुंची और आरोपी को भीड़ के बीच से निकाल कर थाने ले आई। चोपता और तुंगनाथ क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ता राजेश नेगी ने इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि चारधाम यात्रा की आड़ में देवभूमि की शांति और कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाले हुड़दंगियों के लिए यहां कोई जगह नहीं है। प्रशासन को ऐसे तत्वों पर गैंगस्टर एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।

कोतवाली प्रभारी मनोज नेगी ने बताया कि दोनों पक्षों को थाने लाकर मामले की गहराई से तफ्तीश की जा रही है। वहीं, मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक (SP) निहारिका तोमर ने साफ किया है कि कानून हाथ में लेने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। मेडिकल रिपोर्ट और पीड़ितों के बयानों के आधार पर केस दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।

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