हरियाणा में साइबर अपराधियों के निशाने पर अब गरीब युवतियां और महिलाएं भी आ गई हैं।

दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना की लाभार्थी महिलाओं को फर्जी लिंक और फार्म भेजकर ठगने का ‘खे” शुरू हो गया है। प्रदेश सरकार ने योजना की लाभार्थियों को सचेत करते हुए सलाह जारी की है कि अपने माेबाइल पर अधिकृत ऐप से ही आवेदन करें।

सामाजिक न्याय, अधिकारिता, अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण और अंत्योदय (सेवा) विभाग ने सार्वजनिक सूचना जारी की है। इसके मुताबिक विभाग के संज्ञान में आया है कि दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना से संबंधित कई फर्जी लिंक और फार्म प्रसारित किए जा रहे हैं।

ऐसे सभी लिंक और फार्म धोखाधड़ी हैं। कृपया इन पर विश्वास न करें और न ही इनका उपयोग करें। इस योजना के लिए आवेदन केवल आधिकारिक मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से ही स्वीकार किए जाएंगे। सही डाउनलोड लिंक सेवा विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध कराया गया है।

वहीं, वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) दरों में बदलाव के बाद जमकर हो रही आनलाइन खरीदारी में भी साइबर ठगों द्वारा लालच देकर चूना लगाने की शिकायतें बढ़ी हैं। विशेषकर बुजुर्ग, कम तकनीकी ज्ञान वाले व ग्रामीण इलाके के लोग साइबर अपराधियों के आसान शिकार बन रहे हैं।

साइबर ठगों द्वारा असली जैसे दिखने वाले फर्जी लिंक भेजे जाते हैं, जिन पर लोग अनजाने में क्लिक कर देते हैं।

इसके बाद उनके मोबाइल का पूरा एक्सेस साइबर फ्राड के पास पहुंच जाता है, जिससे वह संबंधित व्यक्ति की जानकारी का इस्तेमाल करके बैंक खाता तक खाली कर सकते हैं। साथ ही पीड़ित व्यक्ति की निजी जानकारी का दुरुपयोग कर ब्लैकमेल किया जा सकता है।

साइबर ठगी से बचने के लिए जरूरी है कि किसी अनजान लिंक को ओपन न करें। किसी भी अनजान खाते में पैसा जमा न करें। संदिग्ध काल, मैसेज या लिंक पर भरोसा न करें और यदि कोई व्यक्ति छोटे कारोबार का हवाला देकर बड़े लेन-देन करता दिखाई दे तो उसकी सूचना तुरंत बैंक या पुलिस को दें।

अगर ठगी हो भी जाए तो तुरंत नेशनल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर काल कर शिकायत दर्ज कराएं। पोर्टल https://cybercrime.gov.in/ पर भी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। फ्राड होने के बाद जितनी जल्दी शिकायत दर्ज कराएंगे, पैसे वापस मिलने के चांस उतने ही बढ़ जाते हैं।

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