पश्चिम बंगाल के रेड लाइड एरिया में महीनों से फंसी पटना की एक महिला को पुलिस ने रेस्क्यू कर लिया है। करीब 8 महीने पहले वह पति को छोड़कर प्रेमी के साथ रहने का सपना लेकर घर से निकली थी। लेकिन यह फैसला उसकी जिंदगी का सबसे भयानक बुरा सपना बन गया। प्रेमी की बेवफाई और नौकरी का झूठा भरोसा – इन सब ने महिला को पश्चिम बंगाल के रेड लाइट एरिया तक पहुंचा दिया। जहां उसे पता चला कि उसे 2 लाख रुपये में बेच दिया गया है। आठ महीने तक चले शोषण और संघर्ष के बाद आखिरकार एक कस्टमर और पुलिस की मदद से महिला फिर से पटना लौट पाई।
महिला की शादी करीब 2 साल पहले हुई थी। उसके अनुसार पति के साथ उसका रिश्ता अच्छा नहीं था। अक्सर दोनों के बीच विवाद होता रहता था। इसी दौरान सोशल मीडिया के जरिए महिला की दोस्ती एक युवक से हुई। दोनों के बीच बातचीत बढ़ी और भरोसा गहराया। जिसके बाद फोन पर उनकी लंबी बातें भी होने लगी। कुछ वक्त बाद युवक ने उसे प्रपोज कर दिया और दोनों रिलेशनशिप में आ गए। युवक ने उसे शादी का सपना भी दिखाया और संग जीवन बिताने का भरोसा दिलाया।
जब पति को महिला के प्रेम संबंध का पता चला तो घर का माहौल और बिगड़ गया। पति ने इस रिश्ते का विरोध किया, लेकिन उसने प्रेमी के साथ रहने का मन बना लिया था। प्रेमी ने महिला को साथ भाग चलने का प्रस्ताव दिया। युवक पर भरोस कर वह आठ महीने पहले घर से निकली और पटना जंक्शन पर पहुंच गई। लेकिन घंटो के इंतजार के बाद भी प्रेमी उससे मिलने नहीं पहुंचा। जिसके बाद महिला को एहसास हुआ कि उसे धोखा मिला है।
महिला जब पटना जंक्शन पर परेशान और असहाय भटक रही थी, तभी उसकी मुलाकात एक युवक से हुई। जिसकने उसकी परेशानी पूछी और उसे बंगाल में नौकरी दिलाने का झांसा दिया। युवक ने यह भी भरोसा दिलाया कि वह काम के साथ उसके रहने का भी इंतजाम कर देगा। महिला उसकी बातों में आ गई। युवक उसे कार से पश्चिम बंगाल तक लेकर आया। जहां उसने भीड़भाड़ वाले इलाके में स्थित एक घर में महिला को छोड़ दिया और कहा कि वह दो दिन में नौकरी का इंतजाम करके उसे लेने आएगा। लेकिन युवक के जाने के बाद घर के मालिक ने जो उसे बताया उसने महिला की दुनिया उजाड़ दी।
महिला को मकान मालिक ने बताया गया कि वह रेड लाइट एरिया में हैं और उसे दो लाख रुपये में बेच दिया गया है। इसके बाद महिला को जबरन देह व्यापार में धकेल दिया गया। उसके कमरे में रोज नए लोग आकर उसका शोषण करते। कई बार महिला ने उनसे मदद की गुहार लगाई और कहा कि किसी तरह उसके पति से बात करवा दें,लेकिन हर बार उसके हाथ सिर्फ निराशा ही लगी। करीब आठ महीने बाद एक ग्राहक ने उसकी बातों पर भरोसा किया। 2 अक्टूबर को युवक ने महिला के सामने उसके पति को फोन कर पूरी जानकारी दी। पति ने तुरंत मनेर थाना से संपर्क किया। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की और ग्राहक की मदद से महिला की लोकेशन पता की। जिसके बाद पुलिस टीम पश्चिम बंगाल पहुंची और रेड लाइट एरिया में छापेमारी कर महिला को सुरक्षित बाहर निकाला और उसे पटना लेकर आई।
