हरियाणा में स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर बड़ा कदम उठाया गया है। हरियाणा राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग (HSCPCR) ने राज्य के सभी सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त, निजी और अन्य मान्यता प्राप्त स्कूलों में पारंपरिक स्कूल टाई को लेकर महत्वपूर्ण एडवाइजरी जारी की है। आयोग ने स्कूल शिक्षा विभाग से इस सलाह को सभी स्कूलों तक तुरंत पहुंचाने और सुरक्षित विकल्प अपनाने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने को कहा है।

यह फैसला देश के विभिन्न हिस्सों में सामने आए उन दर्दनाक हादसों के बाद लिया गया है, जिनमें स्कूल यूनिफॉर्म की टाई झूले, गेट, दीवार पर लगे हुक या अन्य वस्तुओं में फंसने से बच्चों की दम घुटने के कारण मौत हो गई थी। आयोग का मानना है कि ऐसे हादसों को समय रहते रोका जा सकता है।

पारंपरिक टाई की जगह सुरक्षित विकल्प

आयोग ने स्कूलों को सलाह दी है कि यदि यूनिफॉर्म में टाई रखना जरूरी हो तो पारंपरिक टाई की जगह Clip-on (Breakaway) या Velcro (Quick-Release) टाई का इस्तेमाल किया जाए। ये टाई हल्का दबाव या खिंचाव पड़ते ही अपने आप खुल जाती हैं, जिससे गला फंसने और दम घुटने का खतरा काफी कम हो जाता है।

बच्चों की सुरक्षा सबसे पहले

बाल अधिकार संरक्षण आयोग अधिनियम, 2005 की धारा-13 के तहत जारी इस एडवाइजरी में कहा गया है कि यूनिफॉर्म अनुशासन का प्रतीक जरूर है, लेकिन बच्चों की सुरक्षा उससे कहीं अधिक महत्वपूर्ण है। बदलते समय के साथ सुरक्षा मानकों के अनुसार यूनिफॉर्म में बदलाव करना जरूरी है।

सभी स्कूलों को दिए गए निर्देश

आयोग की अध्यक्ष त्रिप्ती ने स्कूल शिक्षा विभाग को निर्देश दिए हैं कि यह एडवाइजरी राज्य के सभी सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त, निजी और मान्यता प्राप्त स्कूलों तक बिना देरी पहुंचाई जाए। साथ ही स्कूल प्रबंधन से यूनिफॉर्म नियमों की समीक्षा कर बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने को कहा गया है।

दुर्घटनाएं रोकना है उद्देश्य

आयोग का कहना है कि जब सुरक्षित तकनीक वाले विकल्प उपलब्ध हैं, तब केवल परंपरा के नाम पर बच्चों को जोखिम में डालना उचित नहीं है। सुरक्षित टाई अपनाने से भविष्य में ऐसी दुखद और टाली जा सकने वाली घटनाओं को रोका जा सकता है।

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