यमुनानगर के कलेसर राष्ट्रीय उद्यान और वन्य जीव विहार क्षेत्र में खैर के हजारों पेड़ों की अवैध कटाई का बड़ा मामला सामने आया है। विभागीय जांच में 3253 खैर के पेड़ों की अवैध कटाई की पुष्टि होने के बाद वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए क्षेत्र के इंचार्ज वाइल्डलाइफ इंस्पेक्टर लीलू राम को सस्पेंड कर दिया है। इस कार्रवाई के बाद वन विभाग में हड़कंप मच गया है।

जानकारी के अनुसार वन विभाग को कलेसर क्षेत्र में बड़े पैमाने पर खैर के पेड़ों की अवैध कटाई की शिकायतें मिली थीं। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं मुख्य वन्य जीव प्रतिपालक हरियाणा के निर्देश पर मुख्य वन संरक्षक (वन्य जीव) गुरुग्राम की अध्यक्षता में एक विशेष जांच समिति गठित की गई।

जांच समिति ने क्षेत्र का निरीक्षण करने के बाद 4 मई 2026 को अपनी रिपोर्ट सौंपी। रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि क्षेत्र में कुल 3253 खैर के पेड़ों की अवैध कटाई की गई। इनमें 1473 नए कटान और 1780 पुराने कटान के मामले शामिल पाए गए।

रिपोर्ट में कहा गया कि संबंधित क्षेत्र की निगरानी और संरक्षण की जिम्मेदारी वाइल्डलाइफ इंस्पेक्टर लीलू राम के पास थी, लेकिन इतने बड़े स्तर पर पेड़ों की कटाई होना उनकी कार्यप्रणाली और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। विभाग ने इसे कर्तव्य निर्वहन में गंभीर लापरवाही मानते हुए हरियाणा सिविल सेवा नियमों के तहत तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय पंचकूला निर्धारित किया गया है।

वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अवैध कटाई में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। आने वाले दिनों में दोषियों के खिलाफ और सख्त कार्रवाई की जा सकती है।

गौरतलब है कि कलेसर राष्ट्रीय उद्यान जैव विविधता और वन्य जीव संरक्षण के लिहाज से बेहद संवेदनशील क्षेत्र माना जाता है। ऐसे में हजारों खैर के पेड़ों की कटाई पर्यावरण संरक्षण के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गई है।

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