रोहतक जिले के मिनी चिड़ियाघर के अंदर पर्यटकों के लिए एक सफेद मादा बाघ को बाड़े में छोड़ा गया है। सफेद मादा बाघ का नाम वन्य जीव मंत्री राव नरबीर सिंह ने अन्नू रखा था। अब सफेद मादा बाघ अन्नू टूरिस्टों के लिए आकर्षण का केंद्र बन गई है।
मिनी चिड़ियाघर में शेर, शेरनी, बाघ, तेंदुआ, मगरमच्छ, हिरण सहित कई जानवर और पक्षी हैं, लेकिन सफेद बाघ को देखने के लिए लोग काफी उत्साहित हैं। जब से सफेद बाघ को चिड़ियाघर में लाया गया था, तब से उसे बाड़े में नहीं छोड़ा गया था। 6 मार्च को बाघ को पर्यटकों के लिए नए बाड़े में छोड़ा गया था।
मिनी चिड़ियाघर के अधिकारियों ने पर्यटकों को खास हिदायत दी है कि कोई भी व्यक्ति पिंजरे के पास नहीं जाएगा। बाहर जो दूसरी जाली है, वहीं से बाघ को देख सकते हैं। पिंजरे के अंदर कोई खाने पीने की चीज नहीं डालेगा, क्योंकि इससे बाघ की सेहत पर असर पड़ सकता है। वहीं, पर्यटक पिंजरे के पास खड़े होकर आवाजें नहीं निकाले, इससे बाघ परेशान होकर हमलावर हो सकता है।

बता दें कि चिड़ियाघर में बब्बर शेर धीरा की दहाड़ लोगों को खूब लुभा रही है। पिछले दिनों धीरा व सुधा के दो शावकों का नामकरण किया गया था। अब धीरा का कुनबा बढ़ाने के लिए एक बार फिर शेरनी सुधा को धीरा के बाड़े में शिफ्ट किया गया है। पर्यटक अब दोनों को एक साथ एक ही बाड़े में देख सकते हैं।
पिछले दिनों 3 शेरनी भी चिड़ियाघर में लाई गई थी, जिनका नाम दिया, नव्या व चंचल रखा गया था। तीनों शेरनियों को एक ही बाड़े में रखा गया है और पर्यटक शेरनियों को एक साथ मस्ती करते हुए देखकर काफी उत्साहित नजर आ रहे हैं।
चिड़ियाघर में वन्य जीव विभाग के इंस्पेक्टर राजेश ने बताया कि जब से सफेद बाघ को बाड़े में छोड़ा गया है, उसे देखने के लिए पर्यटकों की भीड़ देखने को मिल रही है। वहीं, शेर धीरा व शेरनी सुधा को भी एकसाथ रखा गया है, ताकि शेर का कुनबा बढ़ सके। आने वाले समय में अन्य जानवरों को भी लाने का प्रयास है।
