इस बार चैत्र कृष्ण एकादशी तिथि 4 अप्रैल 2024, शाम 04.14 से शुरू हो रही है. इसकी समाप्ति 5 अप्रैल 2024 को दोपहर 01.28 पर होगी.

एकादशी का व्रत हमेशा उदयातिथि से मान्य होता है इसलिए पापमोचनी एकादशी का व्रत 5 अप्रैल 2024 को रखा जाएगा. इस दिन श्रीहरि की पूजा के लिए सुबह 07.41 से सुबह 10.49 तक शुभ मुहूर्त

पापमोचनी एकादशी का व्रत पारण द्वादशी तिथि पर किया जाता है. इस बार पंचांग अनुसार 6 अप्रैल 2024 को सुबह 06.05 – सुबह 08.37 के बीच पापमोचनी एकादशी व्रत पारण का समय प्राप्त हो रहा है.

श्रीहरि विष्णु को खीर, हलवा, पंचामृत बेहद प्रिय है. पापमोचनी एकादशी के दिन विष्णु जी को इन चीजों का भोग लगाने से पूजा सफल होती है वह जल्द प्रसन्न होते हैं और भक्तों की परेशानियों का अंत होता है.

विष्णु जी को भोग लगाते समय इस मंत्र का जाप करें –  त्वदीयं वस्तु गोविन्द तुभ्यमेव समर्पये। गृहाण सम्मुखो भूत्वा प्रसीद परमेश्वर ।।

मान्यता है कि इस व्रत को करने से व्यक्ति को सौभाग्य की प्राप्ति होती है और उसके पूर्वजों को मोक्ष प्राप्त होता है.

पापमोचनी हिंदू नववर्ष की पहली एकादशी मानी गई है. इस दिन श्रीहरि का पूजन, उनके मंत्रों का जाप, पाठ और धार्मिक अनुष्ठान करने से परिवार का हर सदस्य पापों से मुक्ति पाता है.

YouTube
YouTube
Set Youtube Channel ID
WhatsApp
error: Content is protected !!