बहादुरगढ़ शहर में चल रही कथा के दौरान मक्खन-मिश्री का प्रसाद खाने से 4 महिलाओं और दो बच्चियों की हालत बिगड़ गई। प्रसाद मुंह में रखते ही उन्हें जलन हुई। उसके बाद उल्टियां शुरू हो गईं। इसके बाद प्रसाद किसी को नहीं बांटा गया।

आनन-फानन में महिलाओं और दोनों बच्चियों को एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां एक महिला की हालत गंभीर बनी हुई है। उसका गला और जीभ बुरी तरह झुलस गई है।

बहादुरगढ़ के बादली रोड पर मेला ग्राउंड के पास 31 मार्च से श्रीमद्भागवत कथा शुरू हुई थी। बुधवार (3 अप्रैल) को कथा के दौरान ही श्री कृष्ण जन्म उत्सव मनाया गया। शाम को समापन अवसर पर महिलाओं को खीर और मक्खन-मिश्री का प्रसाद वितरित किया गया। अभी 5-6 महिलाओं को ही प्रसाद वितरित किया था कि जैसे ही उन्होंने अपने मुंह में मक्खन-मिश्री को रखा तो तेज जलन होने लगी।

मौके पर ही उन्हें उल्टियां हो गईं। ये देख कथा के दौरान लोगों में दहशत फैल गई। सेक्टर-9 निवासी पूनम, रणजीत कॉलोनी निवासी भतेरी, बसंत विहार निवासी बिमला के अलावा एक अन्य महिला और दो छोटी बच्चियों को प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया। भतेरी की हालत गंभीर होने के कारण उसे आईसीयू में भर्ती कराया गया है।

उसकी जीभ और गला बुरी तरह झुलसा है, जिसकी वजह से उसकी हालत गंभीर है। महिला पूनम ने बताया कि उन्हें मालूम नहीं कि प्रसाद में क्या था।

कथा के आयोजक पंडित महेश ने बताया कि बुधवार को ये प्रसाद थोड़ा-थोड़ा सभी श्रद्धालु ही अपने घरों से लाए थे। खीर से किसी को परेशानी नहीं हुई, लेकिन मिश्री खाने से कुछ महिलाओं को दिक्कत हुई है।

सिटी SHO विनोद कुमार ने बताया कि अभी किसी की तरफ से कोई शिकायत नहीं मिली है। फिर भी पुलिस अपने स्तर पर मामले की जांच कर रही है। अभी ये पता नहीं चल पाया कि प्रसाद में ऐसा क्या था जिसकी वजह से महिलाओं को दिक्कत हुई। शिकायत मिलते ही मामले में कार्रवाई की जाएगी।

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