महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर के तिसगांव इलाके में शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे 19 वर्षीय युवक अपने माता-पिता से मोबाइल फोन को लेकर हुए विवाद के बाद खवाड्या पहाड़ी पर पहुंच गया। उसके पीछे उसके माता-पिता भी वहां पहुंच गए। युवक को समझाकर वापस लाने के लिए पुलिस, दमकल कर्मी, ग्रामीण और गांव के सरपंच समेत कई लोग मौके पर पहुंचे। करीब तीन घंटे तक सभी लोग युवक को समझाने और उसे पहाड़ी के किनारे से पीछे हटाने की कोशिश करते रहे। गांव के सरपंच ने उसे कई तरह के भरोसे दिए और कहा कि उसकी जो भी इच्छा है, उसे पूरा किया जाएगा।

सरपंच ने युवक से भावुक अपील करते हुए कहा,’ऐ भाई, मैं गांव का सरपंच हूं। चल! जो चाहिए वो लाकर देंगे। गांव में चल।’ जब युवक किसी भी तरह पीछे हटने को तैयार नहीं हुआ तो सरपंच ने उसे उसकी मां का वास्ता देते हुए कहा,’तुम्हारे कूदने से क्या हासिल होगा? तुम्हारा क्या बहुत बड़ा नाम होने वाला है? मां के लिए जी लो ना!’ लेकिन सरपंच और मौके पर मौजूद अन्य लोगों की तमाम कोशिशों का युवक पर कोई असर नहीं हुआ। उसने साफ शब्दों में कहा, “नहीं, मुझे मरना ही है। अब यही एक रास्ता बचा है।’

इससे पहले बचाव दल ने पहाड़ी की तलहटी में सुरक्षा जाल लगाने की कोशिश की थी। हालांकि, युवक बार-बार पहाड़ी के किनारे अपनी जगह बदल रहा था। ऐसे में बचावकर्मियों के लिए यह अनुमान लगाना मुश्किल हो रहा था कि वह किस जगह से छलांग लगा सकता है। पुलिस के मुताबिक, दोपहर करीब एक बजे युवक के पिता धीरे-धीरे उसके पास पहुंचे और उसे किनारे से दूर हटने के लिए समझाने लगे। इसी दौरान युवक ने अचानक छलांग लगा दी।

वालुज एमआईडीसी थाने के निरीक्षक रमेश्वर गाडे ने बताया,’दोपहर एक बजे के बाद उसके पिता धीरे-धीरे उसके पास पहुंचे और उसे किनारे से दूर हटने के लिए समझाने लगे। तभी युवक ने अचानक छलांग लगा दी। उसे पकड़कर बचाने की कोशिश में पिता भी नीचे गिर गए।’ बेटे और पति को पहाड़ी से गिरते देख मां भी खुद को रोक नहीं सकीं और उन्होंने भी पहाड़ी से छलांग लगा दी। पुलिस ने तीनों के शव बरामद कर लिए हैं और आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए भेज दिया है।

तिसगांव गांव के पूर्व सरपंच संजय जाधव भी युवक को समझाने की कोशिश कर रहे लोगों में शामिल थे। उन्होंने कहा कि प्रशासन के साथ मिलकर करीब तीन घंटे तक युवक को समझाने की कोशिश की गई, लेकिन वह किसी की बात सुनने की स्थिति में नहीं था। संजय जाधव ने कहा,’हम प्रशासन के साथ मिलकर लगभग तीन घंटे तक किशोर को समझाने की कोशिश करते रहे, लेकिन वह किसी की भी बात सुनने की स्थिति में नहीं था।’

YouTube
YouTube
Set Youtube Channel ID
WhatsApp
error: Content is protected !!