हरियाणा में पश्चिमी विक्षोभ के असर से हुई बारिश और ओलावृष्टि ने अप्रैल की तपिश पर अचानक ब्रेक लगा दिया है। पूरे प्रदेश में मौसम ने करवट ले ली है और लोगों को फरवरी जैसी ठंड का अहसास होने लगा है। दिन के तापमान में तेज गिरावट दर्ज की गई है, वहीं रातें भी फिर से ठंडी हो गई हैं।
मौसम विभाग के मुताबिक 8 अप्रैल को अधिकतम तापमान सामान्य से करीब 8.1°C तक नीचे दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान में भी औसतन 3.3°C की गिरावट देखी गई। आमतौर पर इस समय अधिकतम तापमान 33-34 डिग्री रहता है, लेकिन यह घटकर 25-26 डिग्री तक पहुंच गया है।
प्रदेश के कई इलाकों में बारिश और ओलावृष्टि से ठंडक बढ़ गई है। इसका असर खेतों में खड़ी गेहूं की फसल पर भी पड़ सकता है, जिससे नुकसान की आशंका जताई जा रही है। वहीं मंडियों में खुले में रखे गेहूं को भी बारिश से नुकसान हुआ है।
मौसम विभाग के अनुसार आज से मौसम साफ रहने की संभावना है, हालांकि ठंडक अभी बनी रहेगी। 10 अप्रैल के बाद मौसम पूरी तरह साफ हो जाएगा और धीरे-धीरे गर्मी फिर से लौटने लगेगी।
हरियाणा में न्यूनतम तापमान में स्पष्ट गिरावट दर्ज की गई है, जिससे सुबह और रात के समय ठंड का असर बढ़ गया है। औसतन न्यूनतम तापमान करीब 3.1°C गिरकर सामान्य से लगभग 3.3°C नीचे पहुंच गया है।
महेंद्रगढ़ में सबसे कम तापमान 14.1°C रिकॉर्ड किया गया, जो इस मौसम के लिहाज से काफी कम माना जा रहा है। वहीं हिसार, करनाल और अंबाला जैसे जिलों में भी तापमान करीब 15°C के आसपास बना रहा।
ठंडी हवाओं और बादलों की मौजूदगी के कारण रातों में ठंडक बनी हुई है, जिससे लोगों को हल्की सर्दी का एहसास हो रहा है
अधिकतम तापमान में भी उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है, जिससे दिन के समय गर्मी का असर काफी कम हो गया है। प्रदेश का औसत अधिकतम तापमान सामान्य से करीब 8.1°C नीचे चला गया।
भिवानी में सबसे अधिक 30.4°C तापमान दर्ज किया गया, लेकिन यह भी सामान्य से काफी कम रहा। वहीं अधिकांश जिलों में तापमान 24°C से 29°C के बीच बना रहा, जो अप्रैल के सामान्य तापमान (34°C+) से काफी नीचे है।
बादल, बारिश और ओलावृष्टि के कारण धूप नहीं निकल पाई, जिससे दिन में भी ठंडक बनी रही और लोगों को फरवरी जैसी ठंड का अहसास हुआ।
