रोहतक में आयोजित लोक संपर्क एवं परिवेदना समिति की बैठक में पहुंचे गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज अधिकारियों की कार्यशैली से नाराज होकर गुस्से में आ गए। मामला था कि पब्लिक हेल्थ ने समस्या का समाधान करने की बजाय पीड़ित से समझौता पत्र पर हस्ताक्षर करवाने चाहे। जिस पर मंत्री ने संबंधित जेई को सस्पेंड किया और सभी अधिकारियों को शिकायतों को इस प्रकार से ना छुपाने की नसीहत भी दे डाली।
गांव खरावड़ निवासी अमित कुमार ने शिकायत में कहा कि गांव में 15 साल पुराने सीमेंट के पानी के पाइप जगह-जगह टूटे हुए हैं। जिनकी वजह से गली में गंदा व कीड़ों का पानी आता है। पब्लिक हेल्थ की तरफ से ना तो पाइप बदले गए और ना ही पानी की समस्या दूर की गई। जिसके बाद पीड़ित ने मामले की शिकायत सीएम विंडों में दी।

सीएम विंडो में शिकायत देने के बाद पब्लिक हेल्थ का जेई खुद समझौता पत्र लेकर गया। जिसके बाद पीड़ित से समझौता पत्र पर हस्ताक्षर करने की बात कही। पीड़ित ने यह घटना गृह मंत्री अनिल विज के समक्ष रखी। जिस पर गृह अनिल विज ने जेई को तुरंत प्रभाव से स्सपेंड किया। साथ ही हिदायत दी कि इस तरह लोगों को गुमराह करके बिना समस्याओं का समाधान किए बिना समझौता करवाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
गुस्से में आते हुए गृह मंत्री अनिल विज ने कहा कि क्या लोग अपनी समस्याएं भी ना रखें। सभी को अपनी शिकायत रखने का पूरा अधिकार है। अगर अधिकारी लोगों की शिकायत छुपाना चाहते हैं तो अभी अनिल विज जिंदा है। वह कभी भी यह सहन नहीं करेगा। साथ ही सभी अधिकारियों को नसीहत देते हुए कहा कि अगर इस तरह किसी भी अधिकारी ने किया तो उसे छोड़ा नहीं जाएगा।

देर रात को नोटिस देने पर पीजीआर के कर्मचारी सस्पेंड:
रोहतक के तिलक नगर निवासी दलबीर ने शिकायत में बताया कि हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण द्वारा गलत तरीके से उनकी 4 कनाल 13 मरले जमीन पर कब्जा किया गया है। पिछले बार जिला लोक संपर्क एवं परिवेदना समिति की बैठक में जब इस मामले की जांच के लिए खुद अनिल विज ने एसआइटी गठित की थी। पीड़ित को जांच में शामिल होने के लिए पुलिस ने नोटिस भेजे। दलबीर ने कहा कि पीसीआर के दो कर्मचारी उनके यहां रात साढ़े आठ बजे व साढ़े नौ बजे नोटिस देने जाए। जिसके साथ उन पर पुलिस नाजायज दबाव भी बना रही है। इस पर अनिल विज ने रात को नोटिस देने के लिए जाने वाले कर्मचारियों को सस्पेंड करने के निर्देश दिए।

खराब पानी सप्लाई की शिकायत पर स्वास्थ्य विभाग को जांच के आदेश:
अनिल विज ने बैठक के दौरान आई शिकायतों की सुनवाई करते हुए स्वास्थ्य विभाग को आदेश दिए कि वे जहां भी खराब पानी की शिकायत हो, वहां जांच करेंगे। पीने के पानी की गुणवत्ता कि नियमित जांच करते रहेंगे। अगर कहीं पर कोई कमी पाई जाती है, तो संबंधित विभाग के खिलाफ मामला दर्ज करके सख्त कदम उठाए जाएंगे।

