हिसार: हरियाणा के हिसार जिले से एक बेहद चौंकाने वाला और विवादित मामला सामने आया है, जिसने राज्य की सियासत में गर्माहट पैदा कर दी है। यहाँ के चौधरीवास गांव में नवनिर्मित सार्वजनिक शौचालय के प्रवेश द्वार पर सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय चौधरी भजनलाल का नाम लिख दिया गया, जिसके बाद उनके समर्थकों और स्थानीय समाज में भारी रोष देखने को मिल रहा है।
हाल ही में नलवा विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक रणधीर पनिहार ने चौधरीवास गांव में एक सार्वजनिक शौचालय, वाटर टैंक और कूलर का उद्घाटन किया था। इस निर्माण कार्य के उद्घाटन पत्थर (शिलापट्ट) पर सबसे ऊपर ‘ओम’ का चिन्ह अंकित किया गया और उसके ठीक नीचे ‘युग पुरुष स्वर्गीय भजनलाल चौक’ लिख दिया गया। इसी शिलापट्ट पर पूर्व सांसद कुलदीप बिश्नोई का नाम भी बतौर अतिथि लिखा हुआ था, हालांकि वे कार्यक्रम के दौरान वहां व्यक्तिगत रूप से मौजूद नहीं थे।
शौचालय के मुख्य द्वार पर सूबे के कद्दावर नेता और पूर्व मुख्यमंत्री का नाम लिखे जाने की खबर जैसे ही फैली, भजनलाल के समर्थकों का गुस्सा फूट पड़ा। इस मुद्दे पर राष्ट्रीय किसान संघ (बीकानेर) के जिला अध्यक्ष धर्मपाल मगरा ने एक वीडियो जारी कर अपनी गंभीर आपत्ति दर्ज कराई है।
धर्मपाल मगरा ने पूर्व सांसद और चौधरी भजनलाल के बेटे कुलदीप बिश्नोई को कटघरे में खड़ा करते हुए तीखे सवाल पूछे हैं। उन्होंने कहा:
“चौधरी भजनलाल अखिल भारतीय बिश्नोई महासभा के संरक्षक और बिश्नोई रत्न रहे हैं। जहां लोग हाथ धोते हैं और शौच के लिए जाते हैं, उस शौचालय के प्रवेश द्वार पर उनके नाम की पट्टिका लगाना सीधे तौर पर उनका अपमान है। कुलदीप बिश्नोई जी तो चौधरी साहब के बेटे हैं, उन्हें कम से कम यह तो सोचना चाहिए था कि उनके पूजनीय पिता के नाम का बोर्ड कहाँ लगाया जा रहा है? अगर कोई यादगार बनानी ही थी, तो कोई शानदार लाइब्रेरी, कॉलेज, धर्मशाला या पार्क बनवाते।”
इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद इंटरनेट यूजर्स भी कुलदीप बिश्नोई को जमकर ट्रोल कर रहे हैं। कई यूजर्स ने लिखा कि लगातार राजनीतिक दल बदलने और बार-बार पाला बदलने वाले नेताओं को आखिर में इसी तरह का सम्मान मिलता है। वहीं कुछ लोगों ने इसे भजनलाल परिवार के राजनीतिक कद को जानबूझकर छोटा करने की साजिश भी करार दिया है।
फिलहाल इस विवाद के बाद इलाके में तनावपूर्ण माहौल है और स्थानीय समर्थकों द्वारा इस विवादित शिलापट्ट को तुरंत हटाने की मांग की जा रही है। अब देखना यह होगा कि इस पूरे मामले पर विधायक रणधीर पन्हेर या खुद कुलदीप बिश्नोई की तरफ से क्या आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आती है।

