रोहतक, 4 जून। दादा लखमी चंद राज्य प्रदर्शन एवं दृश्य कला विश्वविद्यालय (सुपवा), रोहतक के लिए गर्व का विषय है कि विश्वविद्यालय के फिल्म एवं टेलीविजन संकाय के दो विद्यार्थियों शिवम पांडे एवं शशांक बरुआ का चयन चीन की प्रतिष्ठित शंघाई थिएटर अकादमी (Shanghai Theatre Academy) द्वारा आयोजित अंतरराष्ट्रीय समर स्कूल कार्यक्रम के लिए हुआ है। 5 जून से 25 जून 2026 तक आयोजित होने वाले इस अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम में दोनों विद्यार्थी भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे तथा विभिन्न देशों से आए प्रतिभागियों के साथ सांस्कृतिक एवं शैक्षणिक आदान-प्रदान में भाग लेंगे।

शंघाई थिएटर अकादमी एशिया की अग्रणी प्रदर्शन कला संस्थाओं में से एक है, जो रंगमंच, अभिनय, फिल्म तथा अन्य प्रदर्शन कलाओं के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान रखती है। अकादमी द्वारा आयोजित यह समर स्कूल कार्यक्रम विश्वभर के प्रतिभाशाली युवा कलाकारों, शोधार्थियों और विद्यार्थियों को एक साझा मंच प्रदान करता है, जहाँ वे कला, संस्कृति और रचनात्मक अभिव्यक्ति के विविध आयामों को समझने तथा एक-दूसरे के अनुभवों से सीखने का अवसर प्राप्त करते हैं।
कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागी विभिन्न कार्यशालाओं, व्याख्यानों, संवाद सत्रों, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों तथा प्रशिक्षण गतिविधियों में भाग लेंगे। इसके माध्यम से उन्हें वैश्विक कलात्मक परिदृश्य, विभिन्न देशों की सांस्कृतिक परंपराओं तथा समकालीन प्रदर्शन कलाओं को निकट से समझने का अवसर प्राप्त होगा।

शिवम पांडे और शशांक बरुआ दोनों ही प्रदर्शन कलाओं के प्रति समर्पित विद्यार्थी हैं तथा अपने अध्ययन और रचनात्मक कार्यों के माध्यम से निरंतर सक्रिय रहे हैं। उनका यह चयन उनकी प्रतिभा, परिश्रम और कलात्मक प्रतिबद्धता का प्रमाण है। यह उपलब्धि न केवल दोनों विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि विश्वविद्यालय, हरियाणा तथा भारतीय प्रदर्शन कला जगत के लिए भी गौरव का विषय है।
उल्लेखनीय है कि शिवम पांडे इससे पूर्व भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के तत्वावधान में राष्ट्रीय फिल्म विकास निगम (NFDC) द्वारा आयोजित 54वें भारतीय अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (IFFI), गोवा के प्रतिष्ठित ‘75 Creative Minds of Tomorrow’ कार्यक्रम के लिए चयनित एवं सम्मानित हो चुके हैं। इस पहल के अंतर्गत देशभर से प्राप्त हजारों आवेदनों में से विभिन्न विधाओं के केवल 75 युवा फिल्मकारों और रचनात्मक प्रतिभाओं का चयन किया जाता है। यह उपलब्धि शिवम पांडे की रचनात्मक क्षमता और राष्ट्रीय स्तर पर उनकी पहचान का प्रमाण है। ऐसे में शंघाई थिएटर अकादमी के अंतरराष्ट्रीय समर स्कूल कार्यक्रम के लिए उनका चयन विश्वविद्यालय की निरंतर बढ़ती राष्ट्रीय और वैश्विक उपस्थिति को और अधिक सशक्त बनाता है।

विश्वविद्यालय प्रशासन ने दोनों विद्यार्थियों को इस उपलब्धि पर बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विद्यार्थियों का चयन होना संस्थान में उपलब्ध गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण, रचनात्मक वातावरण और विद्यार्थियों की प्रतिभा का प्रमाण है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि दोनों विद्यार्थी अपनी प्रतिभा और समर्पण के बल पर भारत तथा विश्वविद्यालय का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित करेंगे।

विश्वविद्यालय के विद्यार्थी निरंतर राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा, रचनात्मकता और जिम्मेदार भागीदारी के माध्यम से संस्थान का नाम गौरवान्वित कर रहे हैं। विभिन्न सांस्कृतिक, शैक्षणिक और कलात्मक मंचों पर उनकी उल्लेखनीय उपस्थिति यह दर्शाती है कि सुपवा देश के अग्रणी प्रदर्शन एवं दृश्य कला संस्थानों में अपनी सशक्त पहचान बना रहा है।

उल्लेखनीय है कि हाल ही में विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र तौशब बगड़ी ने भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी उपलब्धियों के माध्यम से विश्वविद्यालय का गौरव बढ़ाया है। ऐसे में शिवम पांडे और शशांक बरुआ का शंघाई थिएटर अकादमी के अंतरराष्ट्रीय समर स्कूल कार्यक्रम के लिए चयन इस गौरवशाली क्रम की एक और महत्वपूर्ण कड़ी है। यह उपलब्धि विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों की प्रतिभा, समर्पण और वैश्विक स्तर पर बढ़ती पहचान को रेखांकित करती है।
वर्तमान समय में कला और संस्कृति के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय संवाद और सहयोग का महत्व निरंतर बढ़ रहा है। ऐसे में शंघाई थिएटर अकादमी जैसे वैश्विक मंच पर सुपवा के विद्यार्थियों की भागीदारी न केवल उनके व्यक्तिगत विकास के लिए महत्वपूर्ण होगी, बल्कि भारतीय कला एवं संस्कृति की समृद्ध परंपरा को विश्व समुदाय के समक्ष प्रस्तुत करने तथा भारत और चीन के बीच सांस्कृतिक संवाद को सुदृढ़ करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

Bite Shivam Pandey
शंघाई थिएटर अकादमी के इस अंतरराष्ट्रीय समर स्कूल कार्यक्रम के लिए चयनित होना मेरे लिए अत्यंत सम्मान और गर्व का विषय है। यह अवसर केवल मेरी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि सुपवा परिवार की सामूहिक मेहनत, मार्गदर्शन और विश्वास का परिणाम है। आज सुपवा देश के कला एवं संस्कृति जगत में एक अग्रणी भूमिका निभा रहा है। इसके पीछे विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों की मेहनत, निष्ठा और रचनात्मक प्रतिबद्धता के साथ-साथ शिक्षकों एवं कर्मचारियों का निरंतर सहयोग और समर्पण भी है।

माननीय कुलपति प्रो. अमित आर्य तथा रजिस्ट्रार गुंजन मलिक के नेतृत्व में विश्वविद्यालय नई ऊँचाइयों और नई दिशाओं की ओर अग्रसर है। संस्थान विद्यार्थियों को केवल शैक्षणिक शिक्षा ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के अवसर भी प्रदान कर रहा है। मुझे विश्वास है कि इस कार्यक्रम के माध्यम से मैं विभिन्न देशों की कलात्मक और सांस्कृतिक परंपराओं को समझने के साथ-साथ भारतीय कला, संस्कृति और रंगमंचीय विरासत का प्रतिनिधित्व भी पूरी जिम्मेदारी और सम्मान के साथ कर सकूँगा। इस उपलब्धि के लिए मैं अपने शिक्षकों, विश्वविद्यालय प्रशासन, कर्मचारियों और सभी शुभचिंतकों का हृदय से आभारी हूँ।

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