हरियाणा के पंचकूला स्थित सरकारी अस्पताल में ऑन ड्यूटी मृत मिली नर्सिंग ऑफिसर प्रीति बेनीवाल केस में पुलिस जांच के दौरान कई अहम खुलासे हुए हैं। शुरुआती जांच में सामने आया है कि प्रीति का पिछले करीब 11 साल से रोहतक के एक युवक के साथ संबंध था। पुलिस अब इसी एंगल से मामले की गहराई से जांच कर रही है।
30 वर्षीय प्रीति बेनीवाल 20 अप्रैल की रात पंचकूला सिविल अस्पताल के ICU में मृत मिली थीं। दूसरी शिफ्ट के कर्मचारियों ने उन्हें स्टोर एरिया के पास फर्श पर गिरा देखा था। उनके हाथ में कैनुला लगा हुआ था और नाक से खून निकल रहा था। शुरुआती आशंका ओवरडोज इंजेक्शन की जताई गई थी, हालांकि पोस्टमॉर्टम की फाइनल रिपोर्ट अभी तक सामने नहीं आई है।
परिवार के विरोध के बावजूद जारी रहा रिश्ता
पुलिस जांच के मुताबिक प्रीति और रोहतक के युवक की मुलाकात ITI में पढ़ाई के दौरान हुई थी। दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं, लेकिन परिवार को इसकी जानकारी मिलने के बाद विरोध शुरू हो गया। बताया जा रहा है कि इसी कारण परिवार ने प्रीति की शादी उम्र में काफी बड़े व्यक्ति से करवा दी थी।
हालांकि शादी ज्यादा समय तक नहीं चली और प्रीति ससुराल छोड़कर मायके लौट आईं। बाद में दोनों के बीच फिर संपर्क शुरू हो गया। जांच में यह भी सामने आया है कि युवक फिलहाल रोहतक की MDU में PHD कर रहा है। उसकी शादी चार साल पहले हो चुकी है और वह एक बच्चे का पिता है, जबकि उसकी पत्नी गर्भवती बताई जा रही है।
लॉकर से मिले दो मोबाइल
मामले की जांच के दौरान अस्पताल प्रबंधन को प्रीति के लॉकर से दो मोबाइल फोन मिले, जिन्हें अखबार के नीचे छिपाकर रखा गया था। अस्पताल प्रशासन ने दोनों फोन पुलिस को सौंप दिए हैं। अब पुलिस मोबाइल की कॉल डिटेल और डिजिटल रिकॉर्ड खंगाल रही है।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि कुछ समय पहले प्रीति के भाई ने उनका आईफोन तोड़ दिया था। इस संबंध में भी परिवार से पूछताछ की जा रही है।
परिवार ने युवक पर कार्रवाई की मांग की
प्रीति का परिवार पुलिस अधिकारियों से मिला है और रोहतक के युवक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। पुलिस युवक से पूछताछ कर चुकी है और मामले में सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच जारी है।
2024 में लगी थी नौकरी
प्रीति बेनीवाल मूल रूप से हिसार के जुगलान गांव की रहने वाली थीं और परिवार के साथ पंचकूला सेक्टर-31 में रहती थीं। उनकी नौकरी साल 2024 में लगी थी और पहली पोस्टिंग पंचकूला सिविल अस्पताल में हुई थी। वह अधिकतर ICU में ड्यूटी करती थीं।
पुलिस का कहना है कि मोबाइल फोन एफएसएल जांच के लिए भेजे गए हैं और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
