राजस्थान के चूरू जिले में 9 जुलाई को भारतीय वायुसेना का जगुआर फाइटर जेट क्रैश हो गया। बुधवार दोपहर में हुए इस हादसे में देश ने अपने दो युवा और जांबाज पायलेट खो दिए। दोनों की कहानी बेहद इमोशनल है। एक अभी कुछ दिनों पहले ही पिता बने थे और दूसरे की शादी के लिए माता-पिता लड़की तलाश कर रहे थे। शहीदों में फ्लाइट लेफ्टिनेंट ऋषिराज सिंह देवड़ा (23) पाली जिले के खिवांदी गांव से थे और स्क्वॉड्रन लीडर लोकेंद्र सिंह सिंधु , हरियाणा के रोहतक निवासी थे।

ऋषिराज ने जोधपुर से 12वीं की पढ़ाई पूरी की और उसके बाद पुणे स्थित नेशनल डिफेंस एकेडमी में दाखिला लिया। 3.5 साल की ट्रेनिंग पूरी करने के बाद वे भारतीय वायुसेना में फाइटर पायलट बने। पढ़ाई में तेज और अनुशासनप्रिय ऋषिराज के माता-पिता उनके लिए विवाह की तैयारी कर रहे थे। लेकिन बेटे की शहादत की खबर आते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। उनका अंतिम संस्कार सैन्य सम्मान के साथ खिवांदी गांव में किया जाएगा।

हरियाणा के रोहतक निवासी स्क्वॉड्रन लीडर लोकेंद्र सिंह सिंधु की उम्र 44 साल थी। वे 2011 में वायुसेना में भर्ती हुए थे और हाल ही में एक महीने पहले पिता बने थे। लोकेंद्र के बड़े भाई ने बताया कि बुधवार सुबह वे जगुआर पर ट्रेनिंग मिशन के लिए निकले थे और अपने बेटे की फोटो फैमिली ग्रुप में शेयर की थी। लोकेंद्र के पिता जोगेंद्र सिंधु MDU यूनिवर्सिटी से अधीक्षक पद से रिटायर हुए हैं। उनका कहना है कि लोकेंद्र हमेशा कहता था – “मैं उड़ने के लिए पैदा हुआ हूं।”

यह टू-सीटर ट्रेनी जगुआर जेट सूरतगढ़ एयरबेस से उड़ा था और तकनीकी गड़बड़ी के चलते चूरू के राजलदेसर क्षेत्र में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। चूरू पुलिस ने मौके से पायलटों के क्षत-विक्षत शवों के टुकड़े बरामद किए हैं। एयरफोर्स ने हादसे की जांच के लिए कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी गठित की है।

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