रोहतक के राजीव गांधी खेल स्टेडियम में अभ्यास करने गए दो बच्चे संदिग्ध परिस्थितियों में लापता होना पहेली बन गई है। एक तरफ परिवार वाले कह रहे हैं कि बच्चे का अपहरण किया गया है, वहीं दूसरी तरफ पुलिस का कहना है कि यह अपहरण नहीं लग रहा। पूरा मामला इस तरह उलझा हुआ है कि परिवार वालों और पुलिस को कुछ समझ नहीं आ रहा।
जिला सोनीपत के गांव सरगथल हाल रोहतक के आजाद नगर निवासी राजबीर ने पुलिस को दी शिकायत बताया कि उसको दो बच्चे हैं। बड़ी बेटी व छोटा बेटा। उसका बेटा करीब 15 वर्षीय आशीष दौड़ का अभ्यास करने के लिए राजीव गांधी खेल स्टेडियम में जाता था। शनिवार को भी वह सामान्य की तरह खेल का अभ्यास करने के लिए चला गया।
राजबीर ने बताया कि उसके बेटे आशीष के साथ झज्जर के गांव डीघल हाल रोहतक इंद्र नगर निवासी करीब 17 वर्षीय नितिन भी अभ्यास करने के लिए स्टेडियम में जाता था। शनिवार को भी दोनों ही अभ्यास करने के लिए चले गए। सामान्यत: करीब साढ़े 5 बजे तक अभ्यास करते हैं। लेकिन देर शाम तक वापस घर नहीं लौटे तो चिंता हुई।

राजबीर ने बताया कि उसके बेटे आशीष के साथ झज्जर के गांव डीघल हाल रोहतक इंद्र नगर निवासी करीब 17 वर्षीय नितिन भी अभ्यास करने के लिए स्टेडियम में जाता था। शनिवार को भी दोनों ही अभ्यास करने के लिए चले गए। सामान्यत: करीब साढ़े 5 बजे तक अभ्यास करते हैं। लेकिन देर शाम तक वापस घर नहीं लौटे तो चिंता हुई।
राजबीर ने बताया कि जब उसकी बेटे के साथ आखिरी बार फोन पर बात हुई तो वह पुलिस थाने में गया। लेकिन कभी किसी थाने में भेज देते और कभी किसी में। तीन-चार थानों में चक्कर काटने के बाद रविवार को वे SP से मिलने पहुंचे। जहां पीड़ित ने अपनी आपबीती बताई। जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज किया है।
राजबीर ने बताया कि वह अपने बेटे को तलाशने के लिए रिश्तेदारियों व अन्य आसपास के इलाकों में घूम रहा है। जब वह कोच के पास पहुंचे तो कोच ने कहा कि दोनों समय पर करीब साढ़े 5 बजे ही अभ्यास करके चले गए थे। लेकिन इसके बाद उनका कोई पता नहीं है। इधर, लापता नितिन के परिवार वालों ने बताने से मना कर दिया।
नया बस स्टैंड पुलिस चौकी इंचार्ज राजकुमार ने बताया कि उन्हें आशीष व नितिन के लापता होने की सूचना मिली है। अपहरण मामला दर्ज करके जांच की जा रही है। लेकिन प्राथमिक जांच के अनुसार यह अपहरण नहीं लग रहा, क्योंकि कोई भी अपहरणकर्ता बच्चे को फोन पर बात नहीं करने देता। हो सकता है बच्चे कहीं अपनी मर्जी से चले गए होंगे। फिर भी पुलिस बच्चों की तलाश में जुटी हुई है।
