रोहतक के चारों तरफ हाईवे पर बने सरकारी अस्पतालों में ट्रोमा सेंटर बनाए जाएंगे। इसको लेकर जल्द ही काम शुरू किया जाएगा। दुर्घटना में घायल होने वाले लोगों को इससे पास में ही इलाज की बेहतर सुविधा मिल सकेगी। ट्रोमा सेंटरों में इलाज के साथ ऑपरेशन जैसी सुविधा भी मुहैया कराई जाएगी। सिविल अस्पताल को 200 बेड में अपग्रेड करने का काम पहले से ही चल रहा है। अब दूसरे अस्पतालों में सुविधाएं बढ़ाई जा रही हैं।
सिविल सर्जन डॉ. रमेश ने बताया कि हाइवे पर अक्सर सड़क हादसे होते है, जिनमें घायलों को पीजीआई तक लाने में कई बार घायलों की मौत भी हो जाती है। लेकिन अब हाईवे के साथ जो सरकारी अस्पताल हैं, उनमें ट्रोमा सेंटर बनाया जाएगा, ताकि घायलों को तुरंत इलाज मिल सके। साथ ही छोटे मोटे ऑपरेशन की सुविधा भी ट्रोमा सेंटर में रहेगी।
सिविल सर्जन डॉ. रमेश ने बताया कि ट्रोमा सेंटर के अंदर अत्याधुनिक मशीन भी लगाई जाएंगी। साथ ही टेस्ट की सुविधा भी दी जाएगी, ताकि लोगों को टेस्ट करवाने के लिए प्राइवेट लैब का सहारा न लेना पड़े। साथ ही ब्लड स्टोरेज की सुविधा भी अस्पतालों में दी जाएगी, ताकि खून की जरूरत पड़ने पर किसी को इधर उधर भागना न पड़े।
सिविल सर्जन डॉ. रमेश ने बताया कि अब सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी भी नहीं रहेगी। जल्द ही सिविल अस्पताल में भी जो पोस्ट खाली है, उन्हें भरा जाएगा। वहीं, सरकार ने भी मेडिकल कॉलेजों में सीट बढ़ाकर डॉक्टरों की कमी को दूर करने का ऐलान किया है।
सीएमओ डॉ. रमेश ने बताया कि सिविल अस्पताल में हेल्थ सुविधाओं में इजाफा किया जा रहा है। यहां एक 50 बेड की क्रिटिकल केयर यूनिट बनाई जाएगी, जिसमें मरीजों का अच्छे से इलाज होगा। साथ ही एक प्राइवेट वार्ड बनाया जाएगा, जो प्राइवेट अस्पतालों से भी अच्छा होगा। इसमें मरीजों को हर प्रकार की सुविधा दी जाएगी।
