हरियाणा के कुरुक्षेत्र में सोमवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के कार्यक्रम स्थल से महज 500 मीटर दूर एक मालगाड़ी दुर्घटनाग्रस्त हो गई। रेलवे स्टेशन के पास कैथल की ओर जा रही मालगाड़ी के तीन डिब्बे पटरी से उतर गए। हादसे के चलते रेलवे ट्रैक की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई और कई ट्रेनों का संचालन प्रभावित हुआ। हालांकि किसी ट्रेन को रद्द नहीं किया गया।

संयोग से हादसे के समय मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी कुरुक्षेत्र रेलवे स्टेशन पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने वाले थे, जहां उन्हें सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा की विशेष ट्रेन को रवाना करना था। घटना के करीब एक घंटे बाद मुख्यमंत्री स्टेशन पहुंचे और निर्धारित कार्यक्रम में हिस्सा लिया।

कैथल की ओर जा रही थी मालगाड़ी

जानकारी के मुताबिक मालगाड़ी कुरुक्षेत्र रेलवे स्टेशन से निकलकर कैथल स्थित अडाणी साइलो (रेक), सोलू माजरा की ओर जा रही थी। दोपहर करीब 12 बजे ट्रेन के शुरुआती चार डिब्बों में से तीन अचानक पटरी से उतर गए। डीरेलमेंट के कारण डिब्बों के पहियों को भारी नुकसान पहुंचा। कई पहिए पटरी छोड़कर जमीन में धंस गए, जबकि एक पहिया ट्रैक के किनारे लगे बिजली के खंभे से जा टकराया।

बिजली का खंभा झुका, OHE सप्लाई बाधित

डिब्बों की टक्कर से रेलवे लाइन के किनारे लगा बिजली का खंभा झुक गया, जिससे ओवरहेड इलेक्ट्रिक (OHE) सप्लाई ठप हो गई। हादसे की चपेट में कई अन्य खंभे भी आ गए। सूचना मिलते ही रेलवे की तकनीकी और रेस्क्यू टीमें मौके पर पहुंचीं और ट्रैक बहाली का काम शुरू कर दिया गया।

मुख्यमंत्री के कार्यक्रम पर भी पड़ा असर

हादसे के समय कुरुक्षेत्र रेलवे स्टेशन पर मुख्यमंत्री का कार्यक्रम चल रहा था। उन्हें सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा की विशेष ट्रेन को हरी झंडी दिखानी थी। डीरेलमेंट के कारण कुछ समय के लिए सोमनाथ जाने वाली विशेष ट्रेन को भी रोके रखना पड़ा। बाद में स्थिति सामान्य होने पर मुख्यमंत्री ने ट्रेन को रवाना किया।

कई ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित

मालगाड़ी के पटरी से उतरने के बाद रेलवे अधिकारियों में अफरा-तफरी मच गई। हादसे के चलते कई महत्वपूर्ण ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित हुई। कुरुक्षेत्र-दिल्ली पैसेंजर ट्रेन को करनाल स्टेशन पर रोकना पड़ा। अमृतसर से मुंबई जाने वाली पश्चिम एक्सप्रेस और मुंबई से अमृतसर आने वाली पश्चिम एक्सप्रेस करीब डेढ़ घंटे देरी से चलीं। वहीं पठानकोट-दिल्ली ट्रेन भी लगभग एक घंटे लेट हो गई।

तकनीकी खराबी की आशंका

रेलवे अधिकारियों ने हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक तौर पर तकनीकी खराबी को दुर्घटना की वजह माना जा रहा है, हालांकि वास्तविक कारण जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएंगे। रेलवे प्रशासन ट्रैक और बिजली व्यवस्था को जल्द से जल्द सामान्य करने में जुटा हुआ है।

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