रेवाड़ी। हरियाणा के रेवाड़ी जिले के गांव तिहाड़ा में नवरात्र के समापन पर कन्या पूजन के दौरान प्रसाद खाने से तीन बच्चियों की तबीयत बिगड़ गई। बच्चियों को उल्टियां होने लगीं और चक्कर आने लगे। इसके बाद परिजनों ने उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया। डॉक्टरों के उपचार के बाद फिलहाल तीनों की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।
घटना के बाद प्रसाद बनाने में इस्तेमाल किए गए देसी घी की गुणवत्ता पर सवाल उठे हैं। परिजनों ने घी में मिलावट की आशंका जताते हुए पुलिस से शिकायत की है। मामले की जानकारी मिलने पर पुलिस और खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने जांच की प्रक्रिया शुरू की।
प्रसाद खाने के बाद बिगड़ी तीन बच्चियों की तबीयत
जानकारी के अनुसार, मूल रूप से रोहतक जिले के खेड़ारी गांव का रहने वाला सतीश फिलहाल तिहाड़ा गांव में रहकर मजदूरी करता है। सोमवार को उसने नवरात्र के अवसर पर कन्या पूजन के लिए आसपास की बच्चियों को बुलाकर भोज कराया था।
प्रसाद खाने के कुछ समय बाद सतीश की 6 वर्षीय बेटी लीला, पड़ोस की 12 वर्षीय सानिया और डेढ़ वर्षीय साबया की तबीयत बिगड़ गई। तीनों को चक्कर आने और उल्टियां होने की शिकायत हुई। इसके बाद परिजन उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उनका उपचार किया गया।
बावल से खरीदा था देसी घी
परिजनों के अनुसार, कन्या पूजन का प्रसाद तैयार करने के लिए बावल बाजार से करीब आधा किलो देसी घी खरीदा गया था। बच्चियों की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें घी की गुणवत्ता पर संदेह हुआ।
हालांकि, अभी यह पुष्टि नहीं हुई है कि घी मिलावटी था या बच्चियों की तबीयत बिगड़ने की कोई दूसरी वजह थी। इसकी स्थिति जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगी।
दुकानदार पर धमकाने का आरोप
सतीश का आरोप है कि वह बचा हुआ घी लेकर बावल स्थित संबंधित दुकान पर पहुंचा और दुकानदार से शिकायत की। आरोप है कि दुकानदार ने उसकी बात सुनने के बजाय उसे धमकाया और वापस भेज दिया।
इसके बाद सतीश ने बावल थाना पुलिस में लिखित शिकायत दी। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए शिकायतकर्ता के साथ संबंधित दुकान पर पहुंचकर जांच की कार्रवाई शुरू की।
खाद्य सुरक्षा विभाग करेगा जांच
पुलिस ने खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम को भी मौके पर बुलाया है। घी के नमूने लेकर प्रयोगशाला में जांच कराने की प्रक्रिया प्रस्तावित है। जांच से यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि घी की गुणवत्ता निर्धारित मानकों के अनुरूप थी या नहीं।
फिलहाल तीनों बच्चियों की हालत खतरे से बाहर बताई गई है। घी में मिलावट की आशंका और दुकानदार पर लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

