हरियाणा निकाय चुनाव के बीच रोहतक जिले में आईएमटी क्षेत्र में सोमवार देर रात हुई पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है. इस मुठभेड़ में तीन बदमाशों को गोली लगी थी. ये बदमाश निगम चुनाव में एक पार्षद उम्मीदवार की हत्या की साजिश रच रहे थे.

एडिशनल एसपी वाईवीआर शशि शेखर ने मीडिया से बातचीत करते हुए इस मुठभेड़ का खुलासा किया. उन्होंने बताया कि पुलिस को एक गुप्त सूचना मिली थी, जिसके बाद पुलिस तुरंत एक्शन में आई. सूचना थी कि कुछ बदमाश एक गाड़ी में सवार होकर निगम पार्षद के उम्मीदवार को मारने की साजिश रच रहे हैं. ये बदमाश गांव खरावड़ के पास आईएमटी के इलाके में छिपे हुए थे. सूचना मिलते ही सीआईए 2 के जवान मौके पर पहुंचे. पुलिस को देखते ही बदमाश भागने की कोशिश करने लगे. पुलिस ने उन्हें सरेंडर करने की चेतावनी दी, लेकिन बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी. जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने तीन बदमाशों के पैरों में गोली मारकर उन्हें घायल कर दिया. इस क्रॉस फायरिंग में सीआईए 2 इंचार्ज सब इंस्पेक्टर सतीश और दो अन्य पुलिसकर्मियों को भी गोली लगी, लेकिन बुलेट प्रूफ जैकेट ने उनकी जान बचा ली.

रोहतक जिले में निकाय चुनाव के दौरान एक निर्दलीय उम्मीदवार व एक भाजपा नेता को जान का खतरा बना हुआ है। सूत्रों का कहना है कि सोनीपत के गैंगस्टर सुनील सरधाना के कहने पर 4 लोग हत्या करने के लिए आए थे, जिन्हें पुलिस ने मुठभेड़ के बाद पकड़ लिया था।

पुलिस मुठभेड़ में पकड़े आरोपियों ने पूछताछ में खुलासा किया कि वे रंजिश के चलते हत्या करने के लिए आए थे। पुलिस का कहना है कि आरोपी एक व्यक्ति की हत्या करने आए थे, लेकिन सूत्रों का कहना है कि आरोपी दो लोगों की हत्या करने की फिराक में घूम रहे थे।

लोगों के बीच चर्चा है कि बदमाशों का सोनीपत के गैंगस्टर से संबंध है और बदमाश एक भाजपा नेता, जिनकी पत्नी पार्षद पद का चुनाव लड़ रही है, उसे मारने के लिए आए थे। साथ ही एक निर्दलीय उम्मीदवार है, जिसके नाम की भी चर्चा चल रही है। दोनों में से बदमाशों के निशाने पर कौन था, यह तो पूछताछ के बाद ही पता चलेगा।

निकाय चुनाव के दौरान पत्नी के लिए चुनाव प्रचार में जुटे भाजपा नेता की जान को खतरा बताया जा रहा है। जब से पुलिस मुठभेड़ में बदमाश पकड़े गए है, उसके बाद से भाजपा नेता ने अपनी पर्सनल सिक्योरिटी को बढ़ा दिया है। वहीं, पुलिस की तरफ से अभी सिक्योरिटी नहीं दी गई, लेकिन पुलिस उनके ऊपर नजर बनाए हुए है। वहीं, निर्दलीय उम्मीदवार के पास भी अभी पुलिस सिक्योरिटी नहीं है।

सीआईए 2 इंचार्ज सतीश ने बताया कि उम्मीदवार की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए नाम नहीं बताया गया। आरोपियों से पूछताछ में एक व्यक्ति का नाम सामने आया था, जिसको लेकर जांच कर रहे है। जरूरत पड़ी तो उस उम्मीदवार को सिक्योरिटी भी दी जाएगी। निकाय चुनाव में किसी प्रकार की अप्रिय घटना नहीं होने दी जाएगी।

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