देश की राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में गणतंत्र दिवस (Republic Day 2022) के मौके पर होने वाली परेड में किसी भी देश के राष्ट्राध्यक्ष शामिल नहीं होंगे। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सरकार इस बार गणतंत्र दिवस की परेड में किसी अन्य राष्ट्र के राष्ट्राध्यक्ष या फिर किसी अन्य गणमान्य व्यक्ति को आमंत्रित नहीं करेगी। दरअसल भारत की यह परंपरा रही है कि हर साल गणतंत्र दिवस के मौके पर किसी न किसी विदेशी राष्ट्राध्यक्ष को मुख्य अतिथि के तौर पर आमंत्रित किया जाता रहा है।
इससे पहले माना जा रहा है कि सरकार इस बार गणतंत्र दिवस की परेड पर 5 बड़े देशों के प्रधानमंत्री या फिर राष्ट्रपति को आमंत्रित किया जाएगा लेकिन अब कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए फिलहाल अब कोई भी विदेशी मेहमान 26 जनवरी के कार्यक्रम में शामिल नहीं होगा। केंद्र सरकार से जुड़े लोगों ने यह जानकारी दी।
आपको बता दें कि 2021 में भी गणतंत्र दिवस का कार्यक्रम कोरोना संक्रमण के बीच ही आयोजित हुआ था और उस समय सरकार ने कार्यक्रम में सिर्फ 25000 लोगों को शामिल होने की अनुमति दी थी। कोरोना और ओमिक्रॉन के बढ़ते केस को ध्यान में रखते हुए केंद्र ने इस बार कार्यक्रम में 24000 लोगों को शामिल होने की अनुमति दी है। इससे पहले 2020 में गणतंत्र दिवस पर 1.25 लाख लोग कार्यक्रम में शामिल हुए थे।
बता दें कि सरकार ने इस बार तुर्कमेनिस्तान, कजाकिस्तान, उज्बेकिस्तान, ताजिकिस्तान और किर्गिज गणराज्य पांच देशों के नेताओं को गणतंत्र दिवस की परेड में आमंत्रित करने की योजना बनाई थी। सूत्रों के अनुसार परेड में शामिल होने वाले 24000 में से करीब 19000 हजार लोग ऐसे होंगे जिन्हें कार्यक्रम के लिए आमंत्रित किया जाएगा जबकि वहीं बाकी ऐसे आम नागरिक होंगे जिन्हें कार्यक्रम में शामिल होने और परेड देखने के लिए टिकट खरीदना होगा।
गणतंत्र दिवस कार्यक्रम में शामिल होने वाले सभी लोगों को कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करना होगा, जिसमें मास्क पहनना अनिवार्य होगा और साथ सोशल डिस्टेंसिंग का भी पालन करना होगा। बता दें कि 2021 में गणतंत्र दिवस कार्यक्रम में ब्रिटेन के पीएम बोरिस जॉनसन को न्योता भेजा गया था, लेकिन कोरोना की वजह से वह कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सके थे।
