रोहतक, 22 अप्रैल : अतिरिक्त उपायुक्त नरेंद्र कुमार की अध्यक्षता में जिला स्तरीय निरीक्षण कमेटी, धार्मिक नेताओ व स्वयं सेवी संस्थाओं के साथ बाल विवाह के विषय पर बैठक का आयोजन किया गया। अतिरिक्त उपायुक्त ने सभी धार्मिक नेताओं को अपने सभी धार्मिक कार्यक्रमों में बाल विवाह जैसी कुरीति को समाप्त करने में अपनी भूमिका निभाने की अपील की।
नरेंद्र कुमार ने बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के बारे में बताते हुए कहा कि यदि कोई व्यक्ति बाल विवाह जैसी कुरीति को बढ़ावा देता है या बाल विवाह में शामिल होता हैं तो उनको 2 साल तक की सजा और जुर्माना हो सकता है। उन्होंने कहा कि 18 वर्ष से कम उम्र की लडक़ी और 21 वर्ष से कम उम्र के लडक़े को नाबालिक माना जाता है। इसके अलावा बाल विवाह बच्चे के अधिकार पर भी हमला है। उन्होंने कहा कि अक्षय तृतीया पर होने वाले विवाहों पर प्रशासन की कड़ी निगरानी रहेगी। यदि किसी आमजन को किसी भी बाल विवाह की सूचना मिले तो तुरंत जिला प्रशासन को इसके बारे में सूचना दें। अतिरिक्त उपायुक्त नरेंद्र कुमार ने यह भी आह्वान किया कि रोहतक जिला को बाल विवाह मुक्त जिला बनाए।
बैठक में संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी श्रीमती कर्मिंदर कौर, जिला बाल संरक्षण अधिकारी कुलदीप सिंह, जिला कार्यक्रम अधिकारी कुमारी दीपिका सैनी, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी राजपाल सिंह, उप शिक्षा अधिकारी कुमारी मुन्नी सहारन, उप चिकित्सा अधिकारी डॉ दिनेश गर्ग, श्रम विभाग से आशीष, हरीओम सेवा दल के संचालक विजय खुराना, जनसेवा संस्थान के प्रबंधक पवन कुमार, गुरुद्वारा टिकाना साहिब से दिलबाग सिंह, शीतला माता मंदिर से महंत थानेश्वर दास, प्रभात सेवा चर्च से मीना व नजमा ओउट आल सैंट चर्च से प्रेम मसीह व आशीष मसीह, आर्य समाज मंदिर से रमेश बत्रा व पुलिस विभाग से महिला सिपाही सुनील, एमडीडी संता से जिला समन्वयक सुभाष, ब्रेक थ्रू संस्था से जिला प्रबंधक रूचि, नरेंद्र और राहुल, बाल कल्याण समिति से अध्यक्ष आशा आहूजा व सदस्य सहित कुल 25 सदस्य मौजूद रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

YouTube
YouTube
Set Youtube Channel ID
WhatsApp
error: Content is protected !!