पहलगाम हमले को अंजाम देने वाले आतंकियों के अभी कश्मीर में ही छिपे होने की संभावना है। इंटेलिजेंस सूत्रों ने शुक्रवार को बताया कि आतंकी अभी भी दक्षिण कश्मीर के जंगलों में छिपे हैं। उनके पास राशन-पानी है, ऐसे में ये इन पहाड़ी इलाकों में लंबे समय तक रह सकते हैं।
इस बीच, अमेरिका की विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता टैमी ब्रूस ने शुक्रवार को कहा कि अमेरिका आतंकवाद के खिलाफ भारत के साथ खड़ा है। राष्ट्रपति ट्रंप ने भी प्रधानमंत्री मोदी को पूरा समर्थन देने की बात कही है।दूसरी ओर, 14 तरह के वीजा होल्डर पाकिस्तानी नागरिकों के लिए भारत छोड़ने की आखिरी तारीख 29 अप्रैल थी। 70 के करीब पाकिस्तानी नागरिक अटारी बॉर्डर पर फंसे हुए। भारत और पाकिस्तान दोनों तरफ से बॉर्डर बंद है। पहलगाम के बायसरन घाटी में 22 अप्रैल को आतंकी गोलीबारी में 26 टूरिस्ट की मौत हो गई थी। 17 लोग घायल हुए थे।
भारत-पाक सीमा के फॉरवर्ड पोस्ट्स पर पाकिस्तान ने सेना तैनात कर दी हैं। इसमें चीन से मिली तोपें भी शामिल हैं। नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) चीफ सदानंद दाते गुरुवार दोपहर पहलगाम पहुंचे और वह तीन घंटे बायसरन में रहे। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने अमेरिका से अपील की है कि वह भारत पर जिम्मेदारी से पेश आने और बयानबाजी कम करने का दबाव बनाए।अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से शरीफ ने यह भी कहा कि भारत के उकसाने वाले रवैया से क्षेत्रीय हालात बिगड़ सकते हैं।
