कहते हैं कि गंगा में स्नान करने से सारे पाप धुल जाते हैं, पर कुछ पापा ऐसे होते हैं जिसे गंगा मैया भी नहीं धो सकती। झारखंड के एक बेटे ने जो पाप किया था उसकी माफी उसे जिंदगी भर नहीं मिल सकती। यह बेटा अपनी बीमार मां को घर में बंद कर अपनी पत्नी, बच्चों और ससुराल वालों के साथ महाकुंभ में पवित्र स्नान के लिए प्रयागराज चला गया, उसके बाद उस बूढ़ी महिला के साथ जो हुआ उसे सुन आपकी भी रूह कांप जाएगी।

पुलिस ने झारखंड के रामगढ़ थाना क्षेत्र के अंतर्गत सुभाष नगर कॉलोनी में सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (सीसीएल) के एक क्वार्टर से 65 वर्षीय मां को बचाया। महिला सोमवार से घर में बंद थी और चूड़ा खाकर जिंदा थी। पड़ोसियों को उसके बारे में तब पता चला जब वह मदद के लिए भूख से रोई। वृद्धा अपनी भूख को शांत करने के लिए प्लास्टिक खाने की प्रयास कर रही थी । 

सीसीएल कर्मचारी अखिलेश कुमार ने अपनी सफाई में कहा- नकी मां की तबीयत खराब है और वे उनके खाने-पीने का सारा इंतजाम करके प्रयागराज गए हैं। महिला की बेटी चांदनी देवी, जो कहुबेरा में सीसीएल क्वार्टर से करीब पांच किलोमीटर दूर रहती है, ने कहा कि उसे पड़ोसियों से फोन पर अपनी मां के बारे में जानकारी मिली। देवी ने संवाददाताओं से कहा- “पुलिस ने ताला तोड़कर उसे बचाया। पड़ोसियों ने तुरंत उसे खाना दिया। उसे दवाइयां भी दी गईं और सीसीएल अस्पताल में भर्ती कराया गया।” कानून के जानकार बताते हैं कि इस तरह से किसी को घर में बंद कर देना कानूनन अपराध की श्रेणी में आता है।

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