मेवात जिले के तावडू में शहीद हुए डीएसपी सुरेंद्र बिश्नोई को अंतिम विदाई के तहत गुरुवार को मिट्टी दी जाएगी। उनका बेटा कनाडा से इंडिया आज रात को पहुंचेगा। इससे पहले उनका शव मंगलवार रात को हिसार सिविल अस्पताल में पहुंच गया था। शहीद के पैतृक गांव सारंगपुर में बनी ढाणी के घर पर शोक प्रकट करने के लिए क्षेत्र के लोग पहुंच रहे हैं।
शहीद के भाई प्रिंसिपल सुभाष बिश्नोई से मिली जानकारी के अनुसार गुरुवार को उनकी हिस्से में आई जमीन में उन्हें मिट्टी दी जाएगी। बिश्नोई समाज में मृतक को दफनाया जाता है, जिसे कि सामाजिक रीत अनुसार मिट्टी देना कहा जाता है। हमारे परिवार का नियम है कि व्यक्ति की मौत के बाद उसे उसकी जमीन में ही मिट्टी दी जाती है। जब हमारा परिवार संयुक्त था, उसी के हिसाब से किया जाता था। अब शहीद डीएसपी को लीगली तौर पर आई उनकी हिस्से की भूमि में दफनाया जाएगा।
सुभाष ने बताया कि भाई साहब के बेटे ने मंगलवार रात को करीब 7 बजे कनाडा से इंडिया की फ्लाइट ली। बुधवार शाम को वह दिल्ली पहुंच जाएगा। उनकी बेटी और दामाद बैंगलुरू से हिसार आ चुके हैं, परंतु समाज का नियम है कि शाम 6 बजे के बाद मिट्टी नहीं दी जाती। सुभाष ने बताया कि वे सरकार की कार्रवाई से संतुष्ट हैं। उनका भाई अपनी ड्यूटी करते हुए शहीद हुआ। पूरे परिवार और समाज को उसकी शहादत पर गर्व है।
ग्रामीण ओमप्रकाश ने कहा कि सरकार उनके नाम पर खेल स्टेडियम, शहीद स्मारक, स्कूल का नाम या किसी सड़क का नाम रखा जाए। ओमप्रकाश ने कहा कि गांव से मांग उठी है कि इस मामले की सीबीआई जांच हो।
तावड़ू में बाजार बंद; शहरवासियों ने निकाला मौन जुलूस– सौंपा ज्ञापन
माफिया द्वारा DSP सुरेन्द्र सिंह की हत्या की वजह से तावडू के लोगों में गुस्सा है। विरोध स्वरूप बुधवार सुबह से ही पूरे तावडू के बाजार बंद रखे गए। इसके साथ ही बड़ी संख्या में लोगों ने हत्याकांड के विरोध में शहर के अंदर मौन जुलूस भी निकाला। साथ ही लोग एसडीएम को ज्ञापन भी सौंपेंगे। जुलूस को देखते हुए पूरे तावडू शहर में पुलिस फोर्स तैनात की गई है। मौन जुलूस के दौरान लोगों ने हत्यारों को फांसी देने की मांग की।

दरअसल, डीएसपी की हत्या के बाद मंगलवार को ही पुरानी अनाज मंडी स्थित अग्रवाल धर्मशाला में पंचायत तावडू शहर व आसपास के दर्जनों गांव के लोगों ने इकट्ठे होकर घटना की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए आज शहर के बाजार पूरी तरह से बंद रखने का निर्णय लिया था। इसके चलते बुधवार सुबह से ही शहर में पूरी तरह से सन्नाटा पसरा है।
मौन जुलूस निकालने के लिए शहर में बड़ी संख्या में लोग एकत्रित हुए। शहर की पुरानी अनाज मंडी स्थित अग्रवाल धर्मशाला से मौन जुलूस शुरू हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों के जुटे। मौन जुलूस पुरानी अनाज मंडी से नई अनाज मंडी तावडू स्थित एसडीएम कार्यालय तक जाएगा और जुलूस में शामिल लोग एसडीएम को ज्ञापन देकर मांग करेंगे कि आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए और उन्हें सख्त से सख्त सजा दी जाए, ताकि भविष्य में फिर इस तरह की घटना न हो।
बुधवार को वारदात के विरोध में बाजार बंद और मौन जुलूस में लोगों की भीड़ उमड़ने की संभावना के बीच पूरे शहर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है। जगह-जगह पुलिस फोर्स तैनात की गई है, ताकि कोई अप्रिय घटना न हो। पुलिस के आला अधिकारी मामले पर नजर बनाए हुए हैं। एक हफ्ता पहले पुलिस की जिप्सी में एएसआई और ड्राइवर को डंपर ने टक्कर मारी थी। तब दोनों की जान बच गई थी। जिप्सी पूरी तरह से टूट गई थी। हादसा होने के बाद वे उन्हें अस्पताल लेकर गए।
डीएसपी सुरेंद्र की मंगलवार को तावडू में खनन माफिया ने डंपर चढ़ाकर हत्या कर दी थी। डीएसपी अवैध खनन की सूचना मिलने पर कार्रवाई करने के लिए उस जगह पर पहुंचे थे, परंतु खनन माफिया ने उनकी हत्या कर दी।
