हरियाणा के रेवाड़ी में महिला का गलत ऑपरेशन का एक मामला सामने आया हैI मामले में पुलिस ने निजी अस्पताल के डॉक्टर के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। इस महिला को दाईं ओर पथरी थी, वह अस्पताल में भर्ती हुई। यहां महिला का आपरेशन दाईं के बजाय बाईं ओर कर दिया। हैरानी की बात यह रही कि महिला को स्टंट भी डाल दिया गया। ऑपरेशन की जब समरी आई तो परिजनों को पता चला कि जहां पथरी थी, वहां का ऑपरेशन नहीं हुआ। मामला पुलिस और स्वास्थ्य विभाग तक पहुंचा। मेडिकल बोर्ड ने पूरे मामले में लापरवाही पाई।

रेवाड़ी में सिविल अस्पताल के पास स्थित सिग्नस हॉस्पिटल।

पुलिस को मिली शिकायत में गुरुग्राम के गांव राठीवास निवासी अजय कुमार राठी ने बताया कि13 फरवरी 2024 को उनकी पत्नी गुड्डी बाई के पेट में दर्द हुआ। उसी समय उसे शहर के बावल रोड स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टर के कहने पर वहां उसका अल्ट्रासाउंड कराया गया। वहां से मरीज को सिविल अस्पताल के निकट सिग्नस अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने उनकी रिपोर्ट देखकर बताया कि दाईं ओर किडनी में पथरी है। वहां मौजूद डॉक्टरों ने ऑपरेशन करने के लिए कहा और अगले दिन ऑपरेशन कर दिया गया। 2 दिन बाद छुट्टी दी गई।

घर पहुंचकर 4 दिन बाद जब डिस्चार्ज समरी देखी तो उसमें बाईं ओर का ऑपरेशन करने की बात लिखी हुई थी। पीड़ित अगले दिन फिर से अस्पताल पहुंचे और वहां डॉक्टरों से पूछा कि जब पथरी दाईं ओर थी, तो ऑपरेशन बाईं ओर का क्यों कर दिया? पहले तो डॉक्टरों ने कहा कि रिपोर्ट गलत हो गई होगी। फिर बात बदलते हुए बोले कि सिर्फ स्टंट बाईं ओर डाले हैं, बाकी ऑपरेशन ठीक है। हालांकि, बाद में उन्होंने मान लिया कि गड़बड़ी हुई है।

तब डॉक्टरों ने कहा कि अब बिना फीस लिए वह दाईं ओर का ऑपरेशन कर देंगे। अजय कुमार ने बताया कि उनकी पत्नी का ऑपरेशन सिग्नस अस्पताल में डॉ. अशोक गुप्ता ने किया था। गड़बड़ी पाई गई तो वह दोबारा ऑपरेशन करने की कह रहे थे, लेकिन हमने मना कर दिया। पीड़ित ने बताया कि उन्होंने 24 फरवरी को अन्य अस्पताल में ऑपरेशन कराया। इस मामले की सूचना मेडिकल बोर्ड को दी गई। उनकी रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है।

इस मामले पर ऑपरेशन करने वाले डॉक्टर अशोक गुप्ता से फोन पर बात करने की कोशिश की गई। पहले उन्होंने फोन उठा लिया। जब उनसे इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि ऐसा कोई मामला नहीं है। पूरी बात कहे या सुने बिना उन्होंने फौरन फोन काट दिया और स्विच ऑफ कर लिया। वहीं, जब उनके बारे में अस्पताल में बात की गई तो रिसेप्शन से जानकारी मिली कि मामला बिगड़ने के बाद ही डॉ. अशोक गुप्ता अस्पताल से रिजाइन करके चले गए हैं।

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