हरियाणा में भी बिपरजॉय तूफान का असर दिखेगा। इस दौरान राज्य के दक्षिण हिस्से के जिलों में 50 किलोमीटर की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी। बिपरजॉय चक्रवात राजस्थान से होते हुए हरियाणा के दक्षिण भाग से मध्य प्रदेश (MP) की ओर जाएगा। इस दौरान इन जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश होने की पूरी संभावना चंडीगढ़ मौसम विभाग ने जताई है। इसको देखते हुए मौसम विभाग ने दक्षिण के जिलों से 18 जून से 20 जून तक येलो अलर्ट जारी किया है।

बिपरजॉय चक्रवात का असर 18 से 19 जून तक सबसे ज्यादा दिखाई देगा। इस दिन दक्षिण हरियाणा के 6 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने और बिपरजॉय चक्रवात की वजह से सूबे में बारिश होने और तेज हवाएं चलने की भी मौसम विभाग ने संभावना जताई है। दक्षिण हरियाणा के महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, गुरुग्राम, मेवात, पलवल, फरीदाबाद में बिपरजॉय का ज्यादा असर दिखाई देगा।

बिपरजॉय चक्रवात पहले गुजरात से टकराएगा और राजस्थान से होते हुए दक्षिण हरियाणा तक पहुंचेगा, यहां से वह मध्य प्रदेश राज्य में प्रवेश कर जाएगा। हालांकि अभी तक बिपरजॉय की वजह से हरियाणा में ज्यादा असर की संभावना नहीं है, लेकिन 18 और 19 जून तक ही इसके असर का साफ तौर पर पता चल पाएगा।

हरियाणा में धान की बिजाई भी शुरू हो गई है । जिसको लेकर मनमोहन सिंह ने कहा कि धान की बिजाई के लिए मौसम अच्छा है। आमतौर पर इन दिनों में बारिश कम होती है, लेकिन इस बार बारिश होने से किसानों को लाभ होगा। क्योंकि धान की बिजाई के समय पानी की ज्यादा जरूरत पड़ती है और बारिश होने की वजह से किसानों की पानी की कमी काफी हद तक दूर होगी। इसके अलावा मौसम में बदलाव से तापमान में भी गिरावट देखने को मिलेगी।

एक नया पश्चिमी विक्षोभ पंजाब और हरियाणा पर एक चक्रवाती परिसंचरण को प्रेरित कर सकता है जिससे 10 जून से रुक-रुककर प्री-मानसून गतिविधि हो सकती है। मानसून की सामान्य तारीख 27-28 जून के आसपास पहुंचने की संभावना है। हालांकि अभी मौसम विभाग ने इसको लेकर कोई आधिकारिक सूचना नहीं दी गई है।

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