पुलिस अधीक्षक रोहतक श्री गोरव राजपुरोहित द्वारा कार्यालय पुलिस अधीक्षक स्थित कॉन्फ्रेंस हॉल में समीक्ष बैठक का आयोजन किया गया है। बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री आयुष यादव, ट्रैनी आईपीएस रविन्द्र कुमार, डीएसपी मुख्यालय रवि खुंडिया, डीएसपी सांपला राकेश, डीएसपी महम तनुज शर्मा सहित सभी प्रभारी थाना/चौकी, प्रभारी सीआईए स्टाफ व अन्य पुलिस अधिकारी मौजूद रहे है। बैठक में अपराध, कानून व्यवस्था, यातायात व्यवस्था व पुलिस की कार्यप्रणाली पर विस्तार से चर्चा की गई।
प्रभारी थाना/चौकी आमजन की शिकायते/समस्याएं सुनेः-
प्रभारी थाना व प्रभारी चौकी प्रतिदिन थाना/चौकी में बैठकर आमजन की शिकायतें/समस्याएं सुने तथा उन्हें हल करने के कानून अनुसार हर संभव प्रयास करें। थाना में प्राप्त होने वाली सभी शिकायतों को सीसीटीएनएस पोर्टल पर अपलोड करे। शिकयातकर्ता को शिकायत की रशीद अवश्य दें। सभी शिकायतों का तय की गई समय सीमा के अन्दर-अन्दर निपटारा करे। संज्ञेय अपराधी की शिकायत मिलने पर तुरंत एफ.आई.आर. दर्ज करते हुए जांच शुरू करें। अभियोगों के जांच भी त्वरित करें तथा आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करें। शिकायत झूठी पाए जाने पर शिकायकर्ता के खिलाफ कानून अनुसार कार्यवाही करें।
प्रत्येक माह प्रभारी थाना, प्रभारी सीआईए, प्रभारी चौकी आदि के कार्य की समीक्षा की जाएगी-
पुलिस अधीक्षक रोहतक ने बताया कि प्रत्येक माह सभी पुलिस अधिकारियों की बैठक ली जाएगी। बैठक में सभी प्रभारी थाना, प्रभारी सीआईए, प्रभारी चौकी, थाना मुंशी, प्रभारी ब्रांच के कार्य की समीक्षा की जाएगी। सर्वश्रेष्ठ कार्य करने वाले प्रभारी थाना/सीआईए/चौकी/मुंशी/ब्रांच को प्रशंसा पत्र से सम्मानित किया जाएगा तथा प्रोत्साहित किया जाएगा।
सभी प्रमुख स्थलों पर हो सीसीटीवी कैमराः-
पुलिस अधीक्षक रोहतक ने बैठक के दौरान अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि सभी प्रभारी थाना/चौकी सुनिश्चित करें कि पट्रोल पंपों, होटलों, ढाबों, स्कूलों, कॉलेजों, हस्पतालों, मार्केट, कोचिंग संस्थानों व अन्य सभी महत्वपूर्ण स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगे होने चहिये। सरपंच व संबंधित अधिकारियो से समन्वय बनाते हुए सुनिश्चित करें कि सभी गांवों के मैन एंट्री/एग्जिट प्वाइंट पर अच्छे एवं उच्च गुणवत्ता के सीसीटवी कैमरा लगवाए जाए। उन्होंने कहा कि अपराध का पता लगाने और अपराधियों की पहचान में सीसीटीवी कैमरे अहम भूमिका निभाते हैं।
नियमित पुलिस पैट्रोलिंगः-
सभी प्रभारी थाना/चौकी अपने-अपने एरिया में प्रभावी पैट्रोलिंग प्लान तैयार करें। एरिया में घटित होने वाले अपराधों तथा अपराध घटित होने के समय का आंकलन करते हुए पैट्रोलिंग प्लान बनाए। प्रभारी थाना स्वयं भी मुख्य रूप से शाम व रात्रि के समय पैट्रोलिंग अवश्य करें। इसके साथ-2 समय-2 पर सीलिंग प्लान के तहत नाकाबंदी कर वाहनो की चैकिंग करे। वाहन चैकिंग के दौरान मुख्य रूप से शराब पीकर वाहन चलाने वाले, ब्लैक फिल्म लगे वाहनों, अवैध तरीके से लाल/निली बत्ती लगे वाहनों, ट्रिपल राईडिंग, बगैर नम्बर प्लेट वाले वाहनों, बुलेट पटाका आदि के चालन ज्यादा से ज्यादा करें।
अवैध तस्करी करने वालों के खिलाफ चलाए विशेष अभियानः-
सभी प्रभारी थाना/चौकी नशे की तस्करी करने व अवैध रूप से नशीले पदार्थ बेचने वालो के खिलाफ सख्त कार्यवाही करें। नशीले पदार्थो का कार्य करने वालों की संपत्ति चिन्हित कर सक्षम प्राधिकरण से कुर्की के आदेश करवाए। सभी राजपत्रित अधिकारी व प्रभारी थाना अपने क्षेत्रधिकार मे गांव व मौहल्ला को दौरा कर नशे से दूर रहने बारे अपील करे।
गैंगस्टरों के खिलाफ करें सख्त कार्यवाहीः-
जिला रोहतक में सक्रिय गैंगस्टरों के सदस्यों के खिलाफ सख्त कार्यवाही करें। सीआईए व साईबर की टीमों मिलकर कार्य करें। युवा गैंगों में शामिल न हो इसके लिए प्रयास करें। जघन्य अपराधों व चोरी/डकैती में शामिल रहे युवकों पर निगरानी रखे। समय-2 पर उनके साथ संवाद स्थापित करें तथा उन्हें सही दिशा दिखाए। आदतन अपराधियों की हिस्ट्रीशीट खोले तथा उनकी गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखें।
महिला सुरक्षाः-
महिलाओं की सुरक्षा के लिए सभी प्रभारी थाना अपने-2 एरिया में हॉटस्पाट चिन्हित करें जहां पर महिलाओं/युवतियों के साथ छेडछाड़ आदि की घटनाएं होती है। चिन्हित किए गए स्थानों पर महिला पुलिसबल तैनात किया जाए। महिला विरुद्ध अपराधों में अनुसंधानकर्ता द्वारा गहनता से मामलें की जांच की जाए तथा तय समय सीमा के अन्दर-2 चालान न्यायालय में पेश किया जाए। पीड़िता को कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाए तथा काउंसलिंग भी कराई जाए। पीड़िता से लगातार संपर्क बनाए रखें तथा उसे समय-2 पर मामलों में हुई कार्यवाही बारे अवगत कराए।



