उत्तर प्रदेश के शामली में खाकी और कानून को ठेंगे पर रखकर हरियाणा रोडवेज के ड्राइवर और कंडक्टर के साथ सरेआम हैवानियत का मामला सामने आया है।
देहरादून से सोनीपत आ रही सोनीपत डिपो की बस को रोककर करीब एक दर्जन बदमाशों ने ड्राइवर-कंडक्टर पर जानलेवा हमला बोल दिया। चलती बस में करीब 70 सवारियों की मौजूदगी के बावजूद हमलावरों ने गुंडागर्दी की सारी हदें पार करते हुए रोडवेज स्टाफ को नंगा करके पीटा। लाठी-डंडों और लोहे की रॉड से हुए इस हमले में चालक संदीप और कंडक्टर को गंभीर चोटें आई हैं।
घायल बस चालक संदीप ने आपबीती बताते हुए कहा कि वह मंगलवार सुबह करीब साढ़े पांच बजे सोनीपत से बस लेकर देहरादून के लिए रवाना हुए थे। दोपहर 12 बजे जब वे देहरादून आईएसबीटी (ISBT) से वापस सोनीपत के लिए निकले, तो रास्ते में यूपी के शामली का रहने वाला सावन नाम का युवक बस में सवार हुआ।
सावन के कपड़े भीगे हुए थे और वह बस के भीतर महिला सवारियों के सामने ही सरेआम कपड़े बदलने की जिद करने लगा। जब ड्राइवर और कंडक्टर ने मर्यादा का हवाला देते हुए उसे पीछे जाकर कपड़े बदलने को कहा, तो वह आगबबूला हो गया। उसने रास्ते भर देख लेने और जान से मारने की धमकियां दीं और फोन कर अपने साथियों को शामली बुला लिया।
सवारियों के मुताबिक, रास्ते भर आरोपी सावन फोन पर अपनी लोकेशन साथियों को देता रहा। जैसे ही बस शामली के नजदीक पहुंची, तीन बाइकों पर सवार होकर आए 8-10 युवकों ने लाठी-डंडे और लोहे की रॉड के साथ बस को जबरन रुकवा लिया। बस में मौजूद सोनीपत के प्रीतमपुरा निवासी यात्री साहिल ने बताया कि हमलावर खुद को ‘शामली का राजा’ बता रहे थे।
उन्होंने बस के भीतर घुसते ही ड्राइवर संदीप की छाती पर ताबड़तोड़ लाठियां बरसानी शुरू कर दीं। बीच-बचाव करने आए कंडक्टर को भी बेरहमी से पीटा गया और उसके कपड़े फाड़ दिए गए। उपद्रवियों ने पूरी बस के शीशे भी चकनाचूर कर दिए।
इस खूनी खेल के बीच जब हमलावर वारदात को अंजाम देकर भागने की फिराक में थे, तभी बस में बैठी सवारियों ने हिम्मत दिखाई। यात्रियों ने घेराबंदी करके मुख्य आरोपी सावन और उसके एक साथी हिमांशु को बस के अंदर ही दबोच लिया।
इसके तुरंत बाद ड्राइवर संदीप ने सूझबूझ दिखाते हुए खिड़की-दरवाजे बंद किए और खून से लथपथ हालत में ही बस को सीधे सोनीपत की तरफ दौड़ा दिया। सोनीपत बस स्टैंड पहुंचते ही यात्रियों और रोडवेज स्टाफ ने पकड़े गए दोनों आरोपियों को सिविल लाइन थाना पुलिस के हवाले कर दिया।
वहीं दूसरी ओर, यात्रियों के हत्थे चढ़े आरोपी हिमांशु का दावा कुछ अलग है। उसका कहना है कि सावन बस में कपड़े नहीं बल्कि सिर्फ अपने जूते बदल रहा था, जिस पर ड्राइवर ने पहले सावन के साथ मारपीट की थी। हिमांशु ने माना कि वे लोग सावन को लेने आए थे, लेकिन उसने यह भी कबूल किया कि बस के भीतर इस तरह की मारपीट नहीं होनी चाहिए थी और जो हुआ वह पूरी तरह गलत था।
इस पूरे मामले में अब कानूनी कार्रवाई को लेकर पेंच फंस गया है। सोनीपत के सिविल लाइन थाना प्रभारी रविन्द्र दहिया का कहना है कि यह पूरा घटनाक्रम उत्तर प्रदेश के शामली जिले का है, इसलिए नियमानुसार शिकायत भी यूपी पुलिस को ही दी जानी चाहिए थी।
सोनीपत पुलिस के अधिकार क्षेत्र में कोई सीधी कार्रवाई नहीं बनती है। पकड़े गए आरोपियों और मामले से जुड़े दस्तावेजों को शामली पुलिस को सौंपा जाएगा, जिसके बाद यूपी पुलिस ही इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई करेगी।

