यूपी के हापुड़ से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। जहां बीमा की रकम के लिए एक युवक ने मां-बाप को मार डाला। शक होने पर बीमा कंपनी ने मुकदमा लिखाया तो पूछताछ में बेटे ने ही दोनों की हत्या का राज खोला। पुलिस अधीक्षक कुंवर ज्ञानंजय सिंह के मुताबिक मेरठ के गंगानगर निवासी मुकेश सिंघल की बीमा पॉलिसी चल रही थी। मुकेश सिंघल एक व्यक्ति के साथ गंगा स्नान करने गए थे। लौटते समय वाहन की चपेट में आकर वह घायल हो गए। स्थानीय अस्पताल में उपचार के बाद उन्हें मेरठ रेफर कर दिया गया, जहां उनकी मौत हो गई। इसके बाद उनके बेटे विशाल ने बीमा कंपनी में पैसों के लिए दावा किया।

बीमा कंपनी ने जांच की तो उसे संदेह हुआ, मृतक का कई कंपनियों में तकरीबन 39 करोड़ का बीमा था, कई कंपनियां बीमे का पैसा दे भी चुकी थीं। इस पर बीमा कंपनी ने पुलिस से शिकायत की। पुलिस ने आरोपी बेटे को हिरासत में पूछताछ की तो पता चला इससे पहले वह मां की हत्या कर उनके बीमा का पैसा ले चुका है। मां के बीमा से मिले पैसे से उसने पिता का अलग-अलग कंपनियों में 39 करोड़ का बीमा कराया था। आरोपी ने पत्नी की मौत पर बीमा का पैसा मिलने के बाद माता-पिता की हत्या की साजिश रची।

पुलिस के अनुसार विशाल ने बीमा कंपनी से मिलने वाले करोड़ों रुपये के क्लेम के लालच में मां और बाप के कत्ल की साजिश रची। इस साजिश के तहत मां और बाप की हादसे में हत्या करा दी। 27 मार्च 2024 को सड़क हादसे में हुई मेरठ के व्यक्ति की मौत के बाद करीब 39 करोड़ के बीमा देने से पहले कंपनी की तरफ से जांच में धोखाधड़ी का खुलासा हुआ है। बेटे ने अपने साथी के साथ मिलकर बीमा कंपनी में कराए गए बीमों का क्लेम के 39 करोड़ की रकम लेने का प्रयास किया। जांच में शक होने पर बीमा कंपनी की तरफ से कोतवाली नगर में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने मुकदमे के आधार पर मेरठ से दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में आरोपी ने मां-बाप की हादसे से कत्ल करने की साजिश का खुलासा किया है।

पिता का विभिन्न कंपनियों से करीब 39 करोड़ का बीमा कराने वाले विशाल के खिलाफ कोतवाली में बीमा कंपनी के प्रतिनिधि ने मुकदमा दर्ज कराया है। आरोप लगाया कि बीमा की धनराशि पाने के लिए पुत्र ने पिता की दुर्घटना में मौत होने का दावा है। बीमा कंपनियों ने मामले की जांच की तो काफी चौंकाने वाले खुलासे सामने आए। एसपी के आदेश पर सदर कोतवाली में एक नामजद और अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने बेटे और उसके दोस्त को गिरफ्तार कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

आरोपी विशाल ने बताया कि उसने मां के नाम से काफी बीमा करा दिया था। बाद में उसे लालच आ गया वर्ष 2017 में वह अपने मां को बाइक से पिलखुवा लेकर गया था। वहां पर मोटरसाइकिल से गिरा दी। जिसके उनकी मौत हो गई। मां की मौत को उसने अज्ञात वाहन से एक्सीडेंट में दिखा दी। इस संबंध में पिलखुवा कोतवाली में मुकदमा दर्ज करा दिया था और उनमे बीमा कंपनियों से उसने कागज तैयार कराकर समस्त करीब 80 लाख रुपये का क्लेम ले लिये थे।

निवा बूपा हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड के अधिकृत प्रतिनिधि संजय कुमार ने मुकदमें में बताया कि जानकारी करने पर पता चला कि विशाल कुमार ने अपने पिता का उनकी कंपनी के साथ साथ अन्य इंश्योरेंस कंपनी से करीब 39 करोड़ का बीमा कराया था। पुलिस के अनुसार वह फोटोग्राफी का काम करता और उसने घोषित वार्षिक आय 12 से 15 लाख रुपये बताई थी, जबकि उसकी आय के हिसाब से 39 करोड़ की पॉलिसी का प्रीमियम काफी अधिक बैठता है। आरोपी द्वारा उपलब्ध कराए गए पहचान दस्तावेज, आधार और पैन कार्ड में आयु संबंधित गलतियां मिली और आधिकारिक रिकार्ड से मेल नहीं खाई। इस पर कंपनी को शक हुआ कि यह क्लेम गलत तरीके से तो नहीं लिया जा रहा है।

मुकदमे में बताया गया कि विशाल कुमार ने बताया था कि उसके पिता मुकेश सिंघल 27 मार्च 2024 को गढ़ गंगा से लौट रहे थे की रास्ते में दुर्घटना होने पर घायल हो गए थे। जबकि अस्पताल के रिकार्ड से पता चला कि दुर्घटना रात में करीब आठ बजे हुई ती। चिकित्सकों द्वारा दिखाई गई चोट की प्रकृति और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आपस में मेल नहीं खाती है। इस मामले में अस्पताल के चिकित्सक व अन्य स्टाफ भी पुलिस की रडार पर आए हैं, जिनसे भी कोतवाली पुलिस पूछताछ करेगी ताकि पूरी जानकारी मिल सके।

पुलिस जांच में पता चला कि आरोपी विशाल ने अपने पिता के नाम से दो लग्जरी गाड़ी ली थी। जिनकी कीमत करीब 50 लाख रुपये हैं। दोनों गाड़ियों पर ऋण लिया था, ऋण देने वाली कंपनी ने पिता का इंश्योरेंज करा रखा था। पिता की मौत के बाद ऋण के पैसे इंश्योरेंस कंपनी को मिल गए और गाड़ी आरोपी के पास ही रह गई।

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