हरियाणा के करनाल जिले के बुढ़नपुर बांगर गांव में उस समय शोक की लहर दौड़ गई, जब सेना के जांबाज नायक शेर सिंह का पार्थिव शरीर बुधवार रात उनके पैतृक गांव पहुंचा। (karnal news today) 12 अक्टूबर को सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल हुए 32 वर्षीय शेर सिंह का पंचकूला स्थित कमान अस्पताल में इलाज चल रहा था, जहां 20 अक्टूबर को उन्होंने अंतिम सांस ली। पूरे राजकीय और सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया, लेकिन इस दुखद घड़ी के बीच जवान के सैन्य लाभों और वैवाहिक स्थिति को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है।
जानकारी के अनुसार, 13 फील्ड रेजिमेंट में कार्यरत और रायवाला (उत्तराखंड) में तैनात नायक शेर सिंह 12 अक्टूबर को छुट्टी पर घर आए हुए थे। भादसो रोड पर उनकी मोटरसाइकिल की टक्कर बुटानखेड़ी निवासी एक साइकिल सवार से हो गई। हादसे में दोनों घायल हुए थे, लेकिन सिर और शरीर पर गंभीर चोटें आने के कारण शेर सिंह की हालत बिगड़ती चली गई। ( haryana army soldier death) प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें पंचकूला के सैन्य अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। 2014 में सेना में भर्ती हुए शेर सिंह अपने पीछे माता-पिता, भाई और दो बहनों का रोता-बिलखता परिवार छोड़ गए हैं।

जवान की शहादत के गम में डूबे परिवार के सामने उस वक्त असमंजस की स्थिति बन गई, जब राज रानी नाम की एक महिला ने सामने आकर खुद को शेर सिंह की पत्नी बताया। महिला ने अक्टूबर 2024 का एक मैरिज सर्टिफिकेट भी पेश किया। ( sher singh army naik) हालांकि, परिजनों का साफ कहना है कि शेर सिंह अविवाहित थे और उन्हें इस शादी की कोई जानकारी नहीं थी। इस दावे के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने मैरिज सर्टिफिकेट की सत्यता और परिस्थितियों पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
मामला सामने आने के बाद कादराबाद पंचायत ने भी परिजनों का समर्थन करते हुए रायवाला स्थित सैन्य अधिकारियों को पत्र लिखा है। पंचायत का दावा है कि महिला की उम्र 45 से 50 वर्ष के बीच है और उसकी पहली शादी करीब 25 साल पहले बुढ़नपुर निवासी सुंदर सिंह से हुई थी, जिनकी मृत्यु अक्टूबर 2025 में हुई।
पंचायत का आरोप है कि बिना कानूनी तलाक के यह शादी दिखाई गई है, जो केवल सेना से मिलने वाली पेंशन और फंड को हासिल करने की नीयत से की गई हो सकती है। पंचायत ने मांग की है कि जब तक पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होकर स्थिति साफ नहीं हो जाती, तब तक शेर सिंह के खाते या फंड का कोई भी भुगतान न किया जाए।
