हरियाणा में विदेशी हथियारों की तस्करी का नेटवर्क लगातार चिंता बढ़ा रहा है। तुर्की मेड जिगाना पिस्टल की सप्लाई मध्य प्रदेश से हरियाणा के गैंगस्टर्स और शूटर्स तक पहुंच रही है। हिसार में पिछले एक महीने के दौरान तुर्की मेड पिस्टल से जुड़े कई मामले सामने आए हैं। पुलिस जांच में मध्य प्रदेश के अलग-अलग इलाकों से हथियारों की सप्लाई किए जाने की बात सामने आई है।
हिसार CIA इंचार्ज जगदीश कुमार के अनुसार, मध्य प्रदेश के बुरहानपुर, धार, खरगोन, बड़वानी और सेंधवा क्षेत्र से इन हथियारों की सप्लाई हरियाणा तक की जा रही है। जांच में सामने आया है कि इन इलाकों में हथियारों को असेंबल कर बाजार में बेचा जाता है।
हिसार में एक महीने में कई बड़ी कार्रवाई
हिसार और आसपास के क्षेत्रों में पुलिस ने अलग-अलग मामलों में तुर्की मेड पिस्टल बरामद की हैं।
- सातरोड़ कलां: CIA मिल गेट पुलिस ने एक आरोपी को दो तुर्की पिस्टल, 75 कारतूस और तीन मैगजीन के साथ गिरफ्तार किया। आरोपी पर गैंगवार की साजिश रचने का आरोप था।
- मय्यड़-खरड़ मार्ग: सदर थाना पुलिस ने जसबीर उर्फ जस्सू को तुर्की निर्मित जिगाना पिस्टल के साथ गिरफ्तार किया।
- गंगवा गांव: CIA टीम ने शुभम नामक युवक को तीन अवैध पिस्तौल, छह मैगजीन और 25 जिंदा कारतूस के साथ पकड़ा। इनमें एक तुर्की मेड पिस्टल थी।
- पंचकूला: भाजपा नेता नरेंद्र लुबाना के भाई रतन लुबाना पर फायरिंग के मामले में गिरफ्तार शूटरों से भी जिगाना पिस्टल बरामद हुई थी।
टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में भी सामने आया कनेक्शन
बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर हुई फायरिंग की जांच में भी तुर्की मेड जिगाना पिस्टल का कनेक्शन सामने आया। पुलिस जांच के अनुसार, आरोपियों को यह हथियार अमृतसर के जरिए उपलब्ध कराया गया था।
इसके अलावा प्रयागराज में अतीक अहमद और अशरफ की हत्या, पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला और महाराष्ट्र के नेता बाबा सिद्दीकी की हत्या के मामलों में भी जिगाना पिस्टल के इस्तेमाल की बात सामने आ चुकी है।
अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क पर जांच एजेंसियों की नजर
जांच रिपोर्टों के मुताबिक, विदेशी हथियारों की भारत में तस्करी के लिए पाकिस्तान सीमा और नेपाल के रास्तों का इस्तेमाल किया जाता है। पंजाब में ड्रोन के जरिए हथियार गिराए जाने के मामले भी सामने आते रहे हैं। इसके बाद हथियारों को अलग-अलग राज्यों में सक्रिय तस्करी नेटवर्क के माध्यम से पहुंचाया जाता है।
हरियाणा में सामने आ रहे इन मामलों ने अवैध हथियारों की सप्लाई और गैंगस्टर नेटवर्क पर पुलिस की निगरानी को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

