पानीपत में चर्चित हरियाणा पुलिस के हेड कॉन्स्टेबल आशीष उर्फ सिंघम को जमानत मिल गई है। उनके खिलाफ पानीपत TDI के पास वाहन चेकिंग कर रहे ASI मुकेश त्यागी से मारपीट करने, कानूनी कार्रवाई में बाधा डालने समेत विभिन्न आरोप में केस दर्ज किया था। वहीं हेड कॉन्स्टेबल ने मनोज पर रिश्वत लेने का आरोप भी लगाया था।
किसी को रिपोर्ट दर्ज की भनक न लगे, इसलिए पुलिस ने मामले को ऑनलाइन नहीं किया था। अब हेड कॉन्स्टेबल आशीष उर्फ सिंघम को पानीपत सेशन कोर्ट से जमानत मिल गई है। अब समर्थक स्वागत की तैयारी में हैं। उनके समर्थक दोबारा एकजुट होने शुरू हो गए। आशीष अपने सोशल मीडिया पेज पर अपने ही विभाग के खिलाफ बयानबाजी करता रहता है।
आशीष ने अपने लेवल पर FIR निकलवाई और उसने 9 फरवरी को दोपहर 12 बजे SP कार्यालय में गिरफ्तारी देने की सूचना अपने फेसबुक पेज पर दी थी, लेकिन पुलिस ने 10 बजे ही उसके पुलिस लाइन में क्वार्टर से उसे अर्धनग्न अवस्था में गिरफ्तार कर लिया था। जिसको लेकर हंगामा भी हुआ।
इसकी वीडियो भी आशीष ने अपने फेसबुक पेज पर डाली थी। जिसको देख समर्थक की भीड़ थाने के बाहर पहुंची और जमकर हंगामा किया। पानीपत में नवीन जयहिंद तक पहुंचे थे। पुलिस ने 9 फरवरी को उसे कोर्ट में पेश किया और दो दिन का रिमांड मांगा, लेकिन सीजेएम की कोर्ट ने खारिज कर आशीष को जेल भेज दिया था।
पुलिस ने भी कोर्ट में यही दलील रखी थी कि आशीष बाहर आया तो उनकी जांच बाधित होगी। CJM की कोर्ट ने इस दलील पर पहले जमानत याचिका खारिज कर दी थी, लेकिन अब याचिका सेशन कोर्ट में लगाई गई थी, जहां से उन्हें जमानत मिल गई है।
हेड कॉन्स्टेबल आशीष कुमार के वकील दीपक मुदगिल ने बताया कि आशीष को जेल भेजने के बाद उन्होंने 9 फरवरी को ही जमानत याचिका न्यायाधीश संदीप चौहान की अदालत में लगा दी थी। जिस पर 10 फरवरी को सुनवाई हुई। पुलिस की तरफ से वकील ने विभिन्न दलील रखी। दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद अदालत ने जमानत याचिका को खारिज कर दिया था। अब दोबारा सेशन जज की कोर्ट में याचिका लगाई, जिस पर आशीष को जमानत दे दी।
