हरियाणा में ठंड बढ़ रही है और प्रदूषण का प्रकोप जारी है। ऐसे में धुंध और बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए सरकार ने 13 जिलों में 12वीं और एक जिले में 5वीं तक के स्टूडेंट्स की छुटि्टयां कर दी हैं। यह निर्णय सरकार के आदेश पर स्थानीय प्रशासन ने लिया।
NCR में शामिल हरियाणा के 14 जिलों में से 13 जिले रोहतक, भिवानी, पानीपत, जींद, चरखी दादरी, रेवाड़ी, महेंद्रगढ़, पलवल, सोनीपत, नूंह, फरीदाबाद, गुरुग्राम और झज्जर में 12वीं तक स्कूल बंद हैं। वहीं, करनाल में 5वीं तक स्कूल बंद किए हैं।
इन जिलों में ऑनलाइन कक्षा लगेंगी। वहीं, गुरुग्राम और फरीदाबाद में कंपनियों के 50% कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम करने की एडवाइजरी जारी की गई है।
हरियाणा के गुरुग्राम, फरीदाबाद, धारूहेड़ा, कैथल और दादरी में मंगलवार को अधिकतम वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 500 तक पहुंचा। यह ‘गंभीर प्लस’ श्रेणी में आता है।
देश की राजधानी दिल्ली के बाद हरियाणा का गुरुग्राम 403 AQI के साथ देश में छठे स्थान पर रहा। वहीं, देश के 20 शहरों में AQI 301 से 400 के बीच ‘बहुत खराब’ श्रेणी में दर्ज किया गया। इनमें हरियाणा के सर्वाधिक 12 शहर हैं।
वहीं, आज सुबह 6.59 मिनट पर प्रदूषण के आंकड़ों के अनुसार, सिरसा सबसे प्रदूषित रहा। यहां का AQI 521 रिकॉर्ड किया गया। दूसरे नंबर पर बहादुरगढ़ की हवा खराब रही। यहां का AQI 472 दर्ज किया गया। इन दोनों शहरों के अलावा रोहतक का 297, गुरुग्राम का 260, कैथल का 254, हिसार का 252, कुरुक्षेत्र का 223, नारनौल का 214, भिवानी का 204 और फरीदाबाद का 201 AQI रिकॉर्ड किया गया।
हरियाणा में अब ठंड और गहराने लगी है। सूबे के कई जिलों में रात का पारा 10 से नीचे पहुंच गया है। हिसार के बालसमंद में न्यूनतम तापमान 8.3 डिग्री दर्ज किया गया। करनाल और भिवानी में तापमान 9.6 डिग्री रहा, जबकि सोनीपत में 9.1, महेंद्रगढ़ में 9.5 डिग्री तापमान रहा।
रात के तापमान में औसतन 2.8 डिग्री की कमी दर्ज की गई है। कुरुक्षेत्र और सोनीपत में रात का पारा 4.4 डिग्री तक कम हुआ है। मौसम विभाग ने 23 नवंबर तक कई जिलों में गहरी से गहरी धुंध का यलो अलर्ट जारी किया है।
इनमें अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, कैथल, करनाल, सोनीपत और पानीपत शामिल हैं। जबकि फतेहाबाद, हिसार और जींद में 21 से 23 नवंबर तक गहरी धुंध का यलो अलर्ट जारी हुआ है। इधर, गहरी धुंध ने लोगों को मंगलवार को भी परेशान किया। अंबाला में विजिबिलिटी जीरो तक पहुंच गई।
