नगर निगम आयुत नरेन्द्र कुमार ने बताया कि आज नगर निगम द्वारा संचालित सालिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट का निरीक्षण किया गया, जिस दौरान प्लांट में कूड़े के संग्रहण, पृथक्करण, प्रसंस्करण एवं अंतिम निस्तारण की व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि शहर की स्वच्छता व्यवस्था को प्रभावी एवं टिकाऊ बनाने के लिए ठोस अपशिष्ट का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण अत्यंत आवश्यक है।
निगम आयुक्त नरेन्द्र कुमार ने कहा कि ने प्लांट में आने वाले गीले एवं सूखे कूड़े के पृथक्करण, प्रसंस्करण इकाइयों, कम्पोस्टिंग व्यवस्था तथा अवशिष्ट कचरे के निस्तारण संबंधी कार्यों का जायजा लेते हुए निर्देश दिए कि प्लांट में आने वाले कचरे का अधिकतम प्रसंस्करण सुनिश्चित किया जाए तथा पर्यावरणीय मानकों का पूर्णतः पालन किया जाए। जिस दौरान प्लांट परिसर में साफ-सफाई व्यवस्था, मशीनरी के रख-रखाव एवं सुरक्षा प्रबंधों की भी समीक्षा की गई।
निगम आयुक्त नरेन्द्र कुमार द्वारा मृत पशुओं के वैज्ञानिक एवं पर्यावरण अनुकूल तरीके से अंतिम संस्कार के लिए नगर निगम द्वारा बनाए जा रहे आधुनिक पशु दाह संस्कार प्लांट का भी निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण कार्य की प्रगति की समीक्षा करते हुए बताया कि प्लांट का निर्माण कार्य लगभग पूर्ण हो चुका है तथा प्लांट को सोलर के माध्यम से चलाया जायेगा। विद्युत एवं अन्य तकनीकी व्यवस्थाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए ताकि इसे शीघ्र ही संचालन के लिए तैयार किया जा सके।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में मृत पशुओं के निस्तारण की प्रक्रिया को और अधिक व्यवस्थित, सुरक्षित एवं पर्यावरण हितैषी बनाने के उद्देश्य से यह आधुनिक दाह संस्कार प्लांट स्थापित किया जा रहा है। इसके शुरू होने से मृत पशुओं का वैज्ञानिक तरीके से अंतिम निस्तारण सुनिश्चित होगा, जिससे प्रदूषण नियंत्रण के साथ-साथ जनस्वास्थ्य एवं स्वच्छता व्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
निरीक्षण के दौरान संयुक्त आयुक्त नमिता कुमारी, कार्यकारी अभियंता मंजीत दहिया, कनष्ठि अभियंता सूर्या कुमार धनखड़ आदि उपस्थित रहे।
