रोहतक के हेल्थ विभाग की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर बिजनौर उत्तर प्रदेश में रेड मारते हुए बीयूएमएस डॉक्टर को रंगे हाथ पकड़ा। टीम ने मामले में बिजनौर शहर थाने में आरोपी के खिलाफ केस दर्ज करवाया। भ्रूण लिंग जांच मामले में अब बिजनौर पुलिस कार्रवाई कर रही है।
बता दें कि 12 अप्रैल को भ्रूण लिंग जांच मामले में हेल्थ विभाग की टीम ने खरखोदा स्थित भारद्वाज अस्पताल में छापा मारा था, जहां चंडीगढ़ की एक महिला की भ्रूण लिंग जांच बिजनौर में खरखोदा की बीएएमएस डॉक्टर तमन्ना द्वारा करवाई गई थी। गर्भ में लड़की मिलने पर गर्भपात की गोलियां देकर गर्भपात करवाया गया था। छापेमारी में टीम ने भारद्वाज अस्पताल से दो एमपीटी किट पकड़ी थी।
हेल्थ विभाग की टीम ने पीसीपीएनडीटी नोडल अधिकारी डॉ. विश्वजीत राठी के नेतृत्व में डॉ. संजीव मलिक, डॉ. विशाल चौधरी व रणजीत ने बिजनौर के रॉयल आर जे अस्पताल में छापा मारा। डिकॉय ऑपरेशन करके भ्रूण लिंग जांच के मामले में बीयूएमएस डॉक्टर को भ्रूण लिंग जांच करते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया

पीसीपीएनडीटी नोडल अधिकारी डॉ. विश्वजीत राठी ने बताया कि डिकॉय की भ्रूण लिंग जांच के अलावा 11 अप्रैल को चंडीगढ़ की महिला की भ्रूण लिंग जांच की गई थी, इसका खुलासा वहां लगे सीसीटीवी से हुआ। रेड के दौरान भ्रूण लिंग जांच करने की एवज में एजेंट द्वारा लिए गए 20 हजार में से 19 हजार रुपए बरामद किए गए।
पीसीपीएनडीटी नोडल अधिकारी डॉ. विश्वजीत राठी ने बताया कि भ्रूण लिंग जांच मामले में कार्यवाही करते हुए बिजनौर शहर थाने में बीयूएमएस डॉक्टर मसूद, खरखोदा की बीएएमएस डॉक्टर, भ्रूण लिंग जांच कराने वाली महिला दिव्या, बिजनौर की एजेंट तथा ड्राइवर पर केस दर्ज करवाया गया। मामले में बिजनौर शहर थाना पुलिस जांच करते हुए पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ कर रही है।
