रोहतक में आज से शुगर मिलों को बंद किया जाएगा। वहीं गन्ने के भाव बढ़ाने के लिए आंदोलन की आड में भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी ने चुनावी पैंतरा भी खेला है। जिसके लिए उन्होंने वीडियो भी जारी किया है। जिसमें उन्होंने किसानों को अपना अधिकार लेने का रास्ता बताया।
गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि किसानों के आंदोलन के साथ यह भी प्रचार किया जाएगा कि इस बार किसान सरकार। वर्तमान सत्ताधारियों से सरकार छीनकर खुद गद्दी पर बैठें। जिससे कि किसानों का भला किया जाए। इसलिए इस बार किसान सरकार बनाएं। इधर, किसानों से शुगर मिल बंद करने का आह्वान भी किया।
गुरनाम सिंह चढूनी ने वीडियो जारी करते हुए कहा कि आज सभी शुगर मिलों पर तालाबंदी की जाएगी। शुगर मिल बंद करने का यह पंचायती फैसला है। पंचायत में सभी लोगों को बुलाया था। जिसके बाद यह निर्णय लिया गया कि शुगर मिलों पर किसान तालाबंदी करेंगे।
उन्होंने कहा कि 23 जनवरी को सुबह 11 बजे जाट धर्मशाला कुरुक्षेत्र में फिर से बैठक बुलाई गई है। इस बैठक में प्रत्येक शुगर मिल से 5 लोगों के प्रतिनिधिमंडल से पहुंचने के लिए आह्वान किया। 23 जनवरी को दोबारा से समीक्षा करके आगे का निर्णय लिया जाएगा। जिसके तहत आगे अपनी मांग मनवाई जाएगी।
किसानों का कहना है कि अबकी बार तो गन्ने का रेट और भी अधिक बढ़ना चाहिए था, क्योंकि खुई (चीनी बनने के बाद बचा वेस्ट) का भाव 400 रुपए है और गन्ने का भाव केवल 362 रुपए। साथ ही काट को 7 प्रतिशत से कम करके पंजाब की तर्ज पर 3 प्रतिशत करें, ताकि गन्ना किसान घाटे में ना जाए।
हरियाणा में फिलहाल गन्ने के भाव 362 रुपए प्रति क्विंटल है। जबकि पड़ोसी राज्य पंजाब में गन्ना 380 रुपए प्रति क्विंटल खरीदा जा रहा है। पंजाब से भी 18 रुपए प्रति क्विंटल कम कीमत मिल रही है। जबकि हरियाणा में गन्ने का भाव पंजाब के मुकाबले अधिक ही रहता है, लेकिन इस वर्ष गन्ने का भाव नहीं बढ़ाने के कारण कम है।
