रोडवेज कर्मचारी यूनियन हरियाणा के राज्य प्रधान ओमप्रकाश ग्रेवाल ,राज्य महासचिव जयवीर घणघस,डिपो प्रधान सुरेश नहरा ने जारी बयान में बताया कि प्रदेश सरकार बिना किसी की मांग के रोडवेज विभाग को निजी हाथों में देना चाहती हैं।

प्रदेश सरकार स्टेज कैरिज पॉलिसी 2017 को लागू करना चाहती है। सरकार 952 रूटों पर असीमित संख्या में प्राइवेट परमिट देने जा रही हैं। सरकार रोडवेज बेड़े में नई बसें प्रदेश की जनंसख्या आधार पर नही खरीद रही हैं। रोडवेज विभाग में जो बसे आज चल रही हैं। ज्यादातर ये बसे अपनी आयु व किलोमीटर पूर्ण कर चुकी हैं।इन बसों को एक्सटेंशन पर चलाया जा रहा हैं।जिससे विभाग का खर्चा बढ़ रहा हैं।सरकार नई बसे नही खरीदेगी तो आने वाले समय मे रोड़वेज बेड़े में नाममात्र की बसें रह जाएंगी।क्योकि नई बसे कम आ रही हैं उससे ज्यादा बसे कंडम हो रही हैं।सरकार की प्राइवेट परमिट पॉलिसी से आम जनता को सस्ती व सुरक्षित परिवहन सेवा नही मिलेगी और रोडवेज बसों के मुकाबले सरकार को इन समिति की बसों से राजस्व भी कम मिलता हैं।
प्रदेश भर में वर्तमान में चल रही प्राइवेट समितियां रोडवेज के मुकाबले कैसी सेवा आम जनता को दे रही हैं।इसका परिणाम प्रदेश सरकार व आम जनता के सामने हैं।ये समितियां सरकार के आदेश व नियम भी नही मानते हैं।हर रोज छात्र छात्राओं के साथ दुर्व्यवहार किया जा रहा हैं।सरकार द्वारा छात्राओं को फ्री यात्रा सुविधा दे रखी है लेकिन प्राइवेट समितियां सरकार के आदेशो को भी नहीं मानते हैं ओर छात्राओं से किराया वसूला जा रहा हैं। बुजुर्ग महिलाओं की भी पूरी टिकट काटते हैं । सारे परिणाम आम जनता प्रदेश सरकार के सामने हैं फिर भी प्रदेश सरकार समितियों को और परमिट देना चाहती है जिससे कर्मचारियों में भारी रोष हैं।
प्रदेश सरकार से जनता हित मे मांग करते हैं कि प्रदेश की जनसंख्या अनुसार परिवहन बेड़े में नई बसे खरीदी जाए जिससे हजारों बेरोजगारों को रोजगार मिलेगा और प्रदेश के खजाने में राजस्व के रूप में भारी इजाफा होगा। सरकार की निजीकरण पॉलिसी खिलाफ 4 अगस्त को हरियाणा रोडवेज कर्मचारी सांझा मोर्चा के बैनर के नीचे सभी डिपो में 2 घंटे का प्रदर्शन किया जाएगा।
